यवतमाल: खेत में बोया हुतुतु, बीज निकला फुस्स! मारेगांव में सोयाबीन किसानों से बड़ा धोखा, जांच की मांग

Maraegao Seeds Faliure: यवतमाल के पिसगांव में 'बूस्टर हुतुतु' और 'गायत्री सूरज-501' सोयाबीन बीज अंकुरित न होने से किसान मारोती गौरकार संकट में हैं। मनसे ने कृषि विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
Yavatmal-Maregaon Soybean Seed Germination Failure
मारेगांव तहसील कृषि अधिकारी निरीक्षण प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- AI)
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Yavatmal-Maregaon Soybean Seed Germination Failure: यवतमाल जिले के मारेगांव तहसील के पिसगांव निवासी किसान मारोती माधव गौरकार ने कथित रूप से बोगस सोयाबीन बीज बेचने का आरोप लगाते हुए तहसील कृषि अधिकारी को शिकायत सौंपकर नुकसान की भरपाई और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, किसान ने बुरांडा खड़की स्थित गट क्रमांक 34 की जमीन ठेके पर लेकर 1 जुलाई 2026 को सोयाबीन की बुवाई की थी। इसके लिए उन्होंने एक नामांकित कंपनी के कुल पांच बैग बीज खरीदे थे, जिनमें तीन बैग बूस्टर हुतुतु तथा दो बैग गायत्री सूरज-501 किस्म के थे। बीज खरीद की रसीद भी शिकायत के साथ संलग्न की गई है।

10 प्रतिशत से भी कम हुआ अंकुरण

किसान का आरोप है कि बुवाई के बाद खेत में अब तक सोयाबीन का संतोषजनक अंकुरण नहीं हुआ। पूरे खेत में 10 प्रतिशत से भी कम उगाव होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बीज की गुणवत्ता संदिग्ध होने के कारण फसल नष्ट हो गई।

मारोती गौरकार ने कृषि विभाग से खेत का तत्काल मौका निरीक्षण कर पंचनामा करने, हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने तथा यदि बीज बोगस पाए जाते हैं तो संबंधित कंपनी एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी चिंता का माहौल है।

किसानों का कहना है कि यदि समय रहते बीज की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो खरीफ सीजन में अनेक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कृषि अधिकारियों और बीज कंपनियों में साठगांठ का आरोप

मनसे नेता राजू उंबरकर ने कहा है कि बोगस बीज यानी किसानों के लिए नई बात नहीं है, यह पुराना विषय है। हर बार कृषि विभाग से शिकायत या अनशन किया गया है। परंतु कृषि अधिकारी एवं सीड्स कंपनी की साठगांठ होती है। विदर्भ के मुख्यमंत्री रहते हुए भी वे किसानों की एक भी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। कृषि अधिकारी को कृषि केंद्र धारकों से 5 हजार रुपये महीना मिलता है। क्वालिटी कंट्रोल दस्ता (पथक) कागजों पर है। यवतमाल जिले के 3 मंत्रियों में से एक भी मंत्री किसानों का नहीं है।

4 एकड़ में बोया सोयाबीन, उगा सिर्फ 10 फीसदी

किसान मारेगांव मारुती गौरकार ने कहा है कि मैंने 4 एकड़ खेत में विभिन्न कंपनियों का सोयाबीन बोया था। जिसमें से केवल 10 प्रतिशत बीज उग आया है। जिसके बाद कुछ भी नहीं उगा, जिसकी शिकायत कृषि विभाग सहित प्रशासकीय आला अफसरों से लिखित में की गई है। जिस पर अधिकारी वर्ग ने खेत में आकर निरीक्षण किया है। बोगस बीज बेचने वाली कंपनियों पर फौजदारी कार्रवाई होना अपेक्षित है।

-नवभारत लाईव के लिए उमर शरीफ

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