महाराष्ट्र में नियमों की अनदेखी करने वाले 38 ब्लड बैंकों पर FDA की गाज; 34 के लाइसेंस निलंबित, 4 के परमिट रद्द

Maharashtra FDA Action: महाराष्ट्र में खून की सुरक्षा और मानकों के उल्लंघन पर एफडीए ने बड़ी कार्रवाई की। आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 34 संस्थानों के लाइसेंस सस्पेंड और 4 के रद्द हुए।
FDA Maharashtra suspends licenses of 34 blood storage centers and cancels 4 permanently over safety violations. FDA Commissioner Tukaram Mundhe warns of strict action.
आयुक्त तुकाराम मुंढे (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Blood Bank Action: महाराष्ट्र में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानकों के अनुरूप रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एफडीए ने नियमों का उल्लंघन करने वाले रक्त केंद्रों और ब्लड स्टोरेज सेंटरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए अप्रैल से जून में 38 संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की है। इनमें 34 लाइसेंस निलंबित और चार स्थाई रूप से रद्द किए गए हैं।

महाराष्ट्र में वर्तमान में 413 लाइसेंसधारी ब्लड सेंटर और 468 लाइसेंसधारी ब्लड स्टोरेज सेंटर संचालित हैं। ऐसे में एफडीए राज्यभर के रक्त केंद्रों और ब्लड स्टोरेज सेंटरों पर सख्त निगरानी रखे हुए है। इसी के तहत अप्रैल से जून के बीच की गई जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर 21 ब्लड सेंटर और 13 ब्लड स्टोरेज

सेंटरों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि दो-दो ब्लड सेंटर व ब्लड स्टोरेज सेंटरों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए। जांच के दौरान लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन, गुणवत्ता प्रबंधन में खामियां, अभिलेखों में विसंगतियां, तापमान नियंत्रण, रक्त परीक्षण, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन तथा अन्य वैधानिक मानकों का पालन नहीं किए जाने जैसी गंभीर कमियां पाई गई।

यहां हुई कार्रवाई

  • एफडीए ने पुणे, सांगली, सातारा, अमरावती, ठाणे, मुंबई, कल्याण, वाशीम और अन्य जिलों के अनेक रक्त केंद्रों व ब्लड स्टोरेज सेंटरों पर कार्रवाई की।
  • पुणे के बोरी पारधी स्थित पाटील हॉस्पिटल ब्लड स्टोरेज सेंटर और भिवंडी के आधार ब्लड स्टोरेज सेंटर के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए गए।
  • जून में शिकायत के आधार पर जांच के बाद माया ब्लड सेंटर और सर जे।जे। महानगर ब्लड सेंटर के लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए।

जारी रहेंगे निरीक्षण

एफ डी ए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि रक्त कोई सामान्य औषधि नहीं, बल्कि जीवनरक्षक संसाधन है। नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रक्त उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी रक्त केंद्र या ब्लड स्टोरेज सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी नियमित और आकस्मिक निरीक्षण जारी रखकर सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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