Yavatmal News: ठेका कर्मियों को 6 माह से वेतन नहीं, कर्ज का ले रहे सहारा, आंदोलन की दी चेतावनी

Yavatmal Latest News: 6 महीने से ठेका कर्मियों का वेतन अटका, नियमित कर्मचारियों को भी 2 महीने से पगार नहीं। आर्थिक संकट गहराया, आंदोलन की चेतावनी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
Yavatmal Latest News: 6 महीने से ठेका कर्मियों का वेतन अटका, नियमित कर्मचारियों को भी 2 महीने से पगार नहीं। आर्थिक संकट गहराया, आंदोलन की चेतावनी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कर्मचारी का आंदोलन (फाइल फोटो)
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Yavatmal News: झरी जामणी तहसील के आश्रमशालाओं में कार्यरत ठेका कर्मचारी पिछले छह महीनों से वेतन के इंतजार में हैं। बिल तैयार होकर प्रोजेक्ट अधिकारी के पास भेजे जा चुके हैं, लेकिन हस्ताक्षर न होने से वेतन वितरण ठप पड़ा है। स्थिति इतनी दयनीय है कि कई कर्मचारियों के घरों में भुखमरी जैसी हालत बन गई है।

यही नहीं, आश्रमशालाओं के नियमित कर्मचारियों का भी दो महीने से वेतन अटका हुआ है। समय पर पगार न मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। घरभाड़ा, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों का खर्च, सब कुछ संभालना मुश्किल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंत्राटी कर्मचारियों के वेतन बिल समय पर तैयार करके प्रोजेक्ट अधिकारी के कार्यालय में भेजे गए थे, किंतु हस्ताक्षर न होने से संपूर्ण प्रक्रिया अटक गई।

आंदोलन की दी चेतावनी

दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर भी कर्मचारियों के घरों में अंधेरा छाया रहा। कई बार मांग उठाने के बावजूद उन्हें अब तक वेतन नहीं मिल पाया है। नाराज़ कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत वेतन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।

परिवार पर छाया आर्थिक संकट

तालुका के शिबला, अंतरगाव, जांब, मोवडा, माथार्जुन, झरी, कारेगाव, बोथ, किन्ही सहित कई गावों की आश्रमशालाओं में काम करने वाले दिहाड़ी कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उनका कहना है की “परिवार का पेट कैसे पालें? बच्चों की फीस, रोजमर्रा का खर्च, इलाज सब के लिए पैसे कहां से लाएं?”

कर्ज का सहारा, साहूकारों के चक्कर

वेतन न मिलने से कई कर्मचारी कर्ज लेने को मजबूर हो गए हैं। निजी साहूकारों और बैंकों के चक्कर काटते-काटते वे थक चुके हैं, लेकिन घर चलाने के लिए उनके पास यही एक विकल्प बचा है।

कर्मचारियों का स्पष्ट आरोप है कि शासन की योजनाओं पर काम करने वालों की ही हालत ऐसी है, तो आम नागरिकों की समस्या कौन सुनेगा? उन्होंने शासन से तत्काल वेतन जारी करने की मांग की है।

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