चालगणी ग्रापं में धांधली का आरोप, चर्चा नहीं होने से सदस्यों ने हस्ताक्षर से किया इनकार

In discussion: ग्राम पंचायत चालगणी में शनिवार को ग्रामसभा का आयोजन किया गया। ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सचिव ए। के। सुरवसे से भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सवाल किए और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
चालगणी ग्रापं में धांधली का आरोप
चालगणी ग्रापं में धांधली का आरोप (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Gram Panchayat Chalgani: उमरखेड़ तालुका के ग्राम पंचायत चालगणी में शनिवार को ग्रामसभा का आयोजन किया गया। ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सचिव ए। के। सुरवसे से भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सवाल किए और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा के दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश के बाद ग्रामसभा को रद्द करना पड़ा, इससे बार-बार यह बात सामने आ रही है कि तालुका की कई ग्रामपंचायतों के सरपंच सचिव सरकार द्वारा ग्राम विकास के लिए दी गई करोड़ों रुपये की विकास राशि का गबन किए जाने का आरोप इस समय उपस्थितों ने लगाया।

चालगणी ग्रामपंचायत की ग्रामसभा शनिवार, 30 अगस्त को आयोजित की गई थी, लेकिन यहां ग्राम पंचायत में कार्यरत ग्रामविकास अधिकारी ए। के। सुरवसे ने ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों को अनदेखा करते हुए, एक कागजी ग्रामसभा आयोजित करके उसे समाप्त करने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों ने उनके इस प्रयास को विफल कर दिया और ग्राम सेवक सुरवसे पर विभिन्न प्रश्नों की बौछार कर दी और निर्णय लिया कि पहले हम प्रश्नों के उत्तर दें और उसके बाद ही बैठक की उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करेंगे, लेकिन ग्रामसेवक के पास बैठक में उपस्थित ग्रामीणों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर नहीं थे।

कागज पर ग्रामसभा का कामकाज पूरा

इसलिए यह स्पष्ट था कि ग्रामसेवक इस समय हड़बड़ाहट में थे। कागज पर ग्रामसभा का कामकाज पूरा होने का दर्शाने का उनका प्रयास था। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें यह स्पष्ट तौर पर दिखाया की कोरम रजिस्टर के अनुसार उपस्थितों की संख्या कम है इस वजह से यह सभा पूरी नहीं हुई है। जिसके बाद इस सभा को रद्द करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासनिक स्तर से प्राप्त धनराशि से ग्रामपंचायत द्वारा कराए गए विभिन्न विकास कायों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इसमें लगातार तीन वर्षों से बंद पड़े वाटर फिल्टर, अशुद्ध जलापूर्ति, नाली निर्माण, सड़क निर्माण और पिछड़े क्षेत्रों में कराए गए अन्य विकास कार्य शामिल थे। यह आरोप नागरिकों द्वारा आयोजित ग्राम सभा के दौरान लगाया गया।

सानुग्रह अनुदान पंचनामा है फर्जी

15 अगस्त से 20 अगस्त के बीच तालुका में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कुछ नागरिकों के घर पानी में डूब गए और कुछ घरों की दीवारें गिर गई, पंचनामा के दौरान, संबंधित ग्रामसेवक ने दुर्भावना से अपने पक्ष में लोगों के नाम इस सूची में शामिल कर लिए, ग्रामीणों ने इन सभी मामलों की जाँच की माँग की। साथही अनुदान को लेकर जो सूची बनाई गयी उसे फर्जी करार दिया

लंबे समय से पंचायत में जमे बैठक हैं ग्रामसवेक सुरवसे

यहाँ ग्रामपंचायत में कार्यरत ग्रामसेवक ए।के। सुरवसे लंबे समय से यहां कार्यरत हैं। इसलिए, यह आरोप लगाया गया कि गाँव के राजनेताओं से उनके संबंध बढ़ गए हैं, इसलिए वे राजनेताओं के पक्ष के लोगों को ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे हैं। ऐसा आरोप इस समय उपस्थित ग्रामीणों ने किया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com