‘यहां तैरना सख्त मना है’, तोड़ा आदेश, पवनार के धाम नदी में डूबने से युवक की मौत
रविवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे धाम नदी में तैरने गया 26 वर्षीय युवक डूब गया। मृतक युवक की पहचान वर्धा के रामनगर निवासी यश चव्हाण के रूप में हुई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
पवनार के धाम नदी में डूबने से युवक की मौत (सौजन्यः सोशल मीडिया)
वर्धा: मानसुन सिजन में प्रशासन की अपील के बावजुद भी पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने का काम करतें है। ऐसे ही नियमों को ताक पर रख कर रविवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे धाम नदी में तैरने गया 26 वर्षीय युवक डूब गया। मृतक युवक की पहचान वर्धा के रामनगर निवासी यश चव्हाण के रूप में हुई है। अपने दोस्तों के साथ आया यश पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना पानी में कूद गया और कुछ ही देर में डूब गया।
रविवार को छुट्टी थी, इसलिए यश चव्हाण अपने दोस्तों आशीष गनार, प्रिंस यादव पवनार के साथ पारस सरोवर घूमने आए थे। चारों धाम नदी के किनारे बने बांध पर गए थे। हालांकि इस जगह पर तैरना सख्त मना है, लेकिन यश ने अकेले ही पानी में उतरने का फैसला किया।
बचाने कोशिश नाकाम रहीं
उसके दोस्तों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। कुछ दूर तैरने के बाद वापस लौटते समय यश का दम घुटने लगा और वह डूबने लगा। इस दौरान उसके दोस्तों और वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन, कोशिशें नाकाम रहीं और यश पानी में डूब गया।
सम्बंधित ख़बरें
Wardha News: सेलू में बलीराजा सम्मान समारोह, किसानों के लिए 284 करोड़ की नहर मरम्मत परियोजना
वर्धा में वंचित बहुजन आघाड़ी का विरोध प्रदर्शन, छात्रों को न्याय दिलाने सड़कों पर उतरे सामाजिक-राजनीतिक संगठन
छात्रों पर दमन बंद हो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो… हिंदी विश्वविद्यालय के छात्रों ने जमकर जताया विरोध
विवाह में नहीं पहुंचा दूल्हा, वर्धा में दहेज के लालच ने तोड़ी शादी; 2 आरोपियों पर FIR दर्ज
कल्याण की सड़कों पर भड़का तनाव, यातायात पुलिस और बाइक सवार के बीच हाथापाई
शव को पानी से बाहर निकाला
सूचना मिलने पर पुलिस पाटिल आम्रपाली ढोले ने सेवाग्राम पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। यश के शव को खोजने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों अर्जुन सतघरे और दीपक सतघरे की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला गया।
प्रशासन की लापरवाही?
शनिवार और रविवार को धाम नदी क्षेत्र में नागरिकों की भारी भीड़ होती है। भीड़भाड़ वाले दिनों में उचित सुरक्षा, लाइफगार्ड और उपायों की कमी के कारण ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं होती हैं। नागरिकों की मांग है कि भीड़भाड़ वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था की जाए और ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचा जाए।
