छात्रों पर दमन बंद हो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो… हिंदी विश्वविद्यालय के छात्रों ने जमकर जताया विरोध
Student Protest MGAHV Wardha: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के छात्रों ने दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रतिरोध सभा आयोजित की और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
हिंदी विवि के छात्रों का विरोध प्रदर्शन (सोर्स: नवभारत फोटो)
MGAHV Wardha Students Demands: दिल्ली में 20 जुलाई, 2026 को पेपर लीक प्रकरण को लेकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किये गए बर्बर दमन के विरोध में एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर गुरुवार को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के छात्रों एवं शोधार्थियों ने प्रतिरोध सभा आयोजित की। सभा में प्रदर्शनकारी छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज, छात्राओं के साथ कथित लैंगिक दुर्व्यवहार तथा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के दमन की कड़ी आलोचना की गई।
सम्यक विद्यार्थी आंदोलन से विजय कुंभरे ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने की प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है और इससे संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। दिल्ली में आंदोलनकारी छात्रों के ऊपर बर्बर दमन कर मोदी सरकार पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन को दबाना चाहती है। लेकिन अब नौजवान पीछे हटने वाले नही है।
परीक्षा प्रणाली से उठ रहा युवाओं का भरोसा
प्रतिरोध सभा में छात्र विवेकानंद ने कहा पेपर लीक जैसी घटनाएँ देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। लाखों छात्र-युवा वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
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लॉ स्नातक छात्र शिवपूजन पासी ने अमर शहीद चंद्रशेखर को उनकी जयंती पर याद किया और प्रेमचंद्र को उद्धृत करते हुए आंदोलनों की प्रासंगिता पर बल दिया।
पेपर लीक पर जवाबदेही तय करे केंद्र
सभा में वक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक पर मोदी सरकार को जवाबदेही लेते हुए केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने देश के छात्रों और युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर किया है। छात्रों ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जाएं तथा पेपर लीक की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
पुलिस के द्वारा किये गए व्यवहार पर चिंता
सभा को आगे बढ़ाते हुए प्रज्ञा ने दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोनकारी छात्राओं के साथ पुलिस के द्वारा किये गए अभद्र व्यवहार और लैंगिक दुर्व्यवहार के आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि यदि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों पर ही महिलाओं की गरिमा के उल्लंघन के आरोप लगते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। ऐसे मामलों की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यह पूरे देश के छात्रों के अधिकारों का प्रश्न है
अनन्या ने अपनी बात रखते हुए कहा कि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के छात्र एवं शोधार्थी स्वयं भी लंबे समय से शैक्षणिक एवं छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष कर रहे हैं। इसलिए दिल्ली की घटना केवल एक शहर की घटना नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्र समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा प्रश्न है।
संविधान के मूल्यों की रक्षा की प्रतिबद्धता
प्रतिरोध सभा में छात्रों एवं शोधार्थियों ने मांग की कि 20 जुलाई, 2026 की घटनाओं की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। पुलिस द्वारा की गई हिंसा लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, छात्राओं के साथ कथित लैंगिक दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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सभा के अंत में छात्रों एवं शोधार्थियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों, शिक्षा के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा संविधान के मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रश्नों पर उनका शांतिपूर्ण संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रतिरोध सभा मे मुख्य रूप से मो. अनवारुल खान, राकेश अहिरवार, शालवी, नंदनी, प्रफुल्ल, रवि रंजन, निरंजन ओबरॉय, अमन, यूनुस, अंजलि, धर्मेंद्र, राजेश सारथी, अरबाज़, सदानंद, सहित अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
