वर्धा अस्पताल अग्निकांड में नया मोड़: शॉर्ट सर्किट नहीं थी आग की वजह, PWD की रिपोर्ट से मची खलबली!

Wardha Hospital Fire Investigation: वर्धा जिला अस्पताल अग्निकांड की PWD की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, आग लगने की वजह 'शॉर्ट सर्किट' नहीं। 10 साल के रिकॉर्ड जले। क्या जानबूझकर लगाई गई थी आग?
PWD Electrical Dept report rules out short circuit in the Wardha District General Hospital fire
वर्धा जिला अस्पताल अग्निकांड (सौजन्य-नवभारत)
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District General Hospital Wardha: वर्धा जिला सामान्य अस्पताल की इमारत क्रमांक-2 की दूसरी मंजिल पर 23 दिसंबर 2025 को लगी आग के मामले में लोक निर्माण कार्य विद्युत विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि उक्त आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट नहीं था। इस निष्कर्ष के बाद अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य विभाग में यह चर्चा तेज हो गई है कि कहीं यह आग जानबूझकर तो नहीं लगाई गई।

23 दिसंबर को दोपहर के समय अचानक लगी आग में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना में करीब दस वर्षों का जन्म रिकॉर्ड तथा अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। इस गंभीर घटना की पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर सहित जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है, हालांकि समिति ने अब तक अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत नहीं की है।

घटना के बाद सार्वजनिक बांधकाम विद्युत विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों ने आगग्रस्त क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिस कमरे में आग लगी थी, वहां जली हुई चादरें, कंबल, पुरानी दवाइयों की बोतलें, कुछ चिकित्सा उपकरण तथा पुराने अभिलेख जले हुए पाए गए। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि उस कमरे में कोई भी विद्युत उपकरण मौजूद नहीं था।

विविध पहलुओ की हुई जांच

बाल रोग विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि संबंधित कमरे में केवल एक ट्यूबलाइट और एक विद्युत बोर्ड था, जो आग में पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके बाद अधिकारियों ने कमरे के भीतर और बाहर की विद्युत वायरिंग की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि कमरे के बाहर की पूरी वायरिंग जली हुई थी।

विद्युत डीबी की जांच करने पर आरसीसीबी और एमसीबी ट्रिप अवस्था में पाए गए, जबकि डीबी की आउटगोइंग वायर पूरी तरह सुरक्षित थी। किसी भी तार के आपस में चिपकने या जलने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। सभी तथ्यों के आधार पर विद्युत विभाग के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दर्ज किया है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की संभावना बेहद कम है।

इंचार्ज सिस्टर के पास थी कमरे की चाबी

जिला सामान्य अस्पताल की इमारत क्रमांक-2 की दूसरी मंजिल पर जिस कमरे में 23 दिसंबर को आग लगी, वह कमरा सामान्यतः ताला लगाकर रखा जाता था। आवश्यकता पड़ने पर ही उसे खोला जाता था। घटना के समय भी वह कमरा बंद था, ऐसा निरीक्षण के दौरान सा.बा. विद्युत विभाग के अधिकारियों को बताया गया। हालांकि यह भी सामने आया है कि जिस कमरे में आग लगी, उसकी चाबी वहां की इंचार्ज सिस्टर के पास रहती थी।

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