Ahilyanagar News: गोदड़ महाराज मंदिर में नए ट्रस्टी नियुक्त; कर्जत बंद, मंदिर के सामने धरना

Godad Maharaj Temple: कर्जत में गोदड़ महाराज समाधि मंदिर के नए ट्रस्टी नियुक्त होने पर गांववालों का विरोध भड़का, शहर बंद और मंदिर के सामने धरना; चैरिटी कमिश्नर की भूमिका पर सवाल उठे।
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temple trustee controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Karjat Protest: गांव के देवता श्री सद्गुरु गोदड़ महाराज समाधि मंदिर के पुराने ट्रस्टी बोर्ड को समाप्त कर उसी आदेश (16/03/1954, क्रमांक A-381) के तहत नए ट्रस्टी नियुक्त किए गए हैं। इस फैसले के विरोध में गांववासियों और पुजारियों ने आज कर्जत शहर बंद रखा। मंदिर के सामने धरना प्रदर्शन भी किया गया। वारकरी भक्तों ने भजन गाकर आंदोलन को समर्थन दिया।

विरोध के कारण कुछ समय के लिए शहर में तनाव का माहौल रहा और एहतियातन जगह-जगह पुलिस तैनात की गई। प्रदर्शन के दौरान कई लोग भावुक हो गए और बोलते समय अपने आंसू नहीं रोक पाए। वक्ताओं ने चैरिटी कमिश्नर कार्यालय की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि इस मामले की जानकारी विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे और पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल को दी जाएगी।

पुराने पंजीकरण नंबर पर नए ट्रस्ट को मंजूरी

पुजारी पंढरीनाथ काकड़े ने कहा कि गांव के देवता श्री संत सद्गुरु गोदड़ महाराज समाधि मंदिर की हस्तलिखित गिफ्ट डीड के अनुसार मंदिर के सभी अधिकार और परंपरागत विरासत महाराज के शिष्यों व्या. भीमाजीबुवा काकड़े और व्या. उमाबाई भीमाजीबुवा काकड़े के वारिसों के पास है। दस्तावेज पंजीकृत भी है। इसके आधार पर काकड़े परिवारों के ट्रस्ट की देखरेख में वर्षों से पूजा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पूर्व में हुए कई दावों के निर्णय भी हमारे पक्ष में आए हैं। हमारे खिलाफ साजिश कर पुराने पंजीकरण नंबर पर नए ट्रस्ट को मंजूरी दी गई है।

चैरिटी कार्यालय ने नियमों का पालन नहीं किया

जिला बैंक के निदेशक अंबादास पिसल ने आरोप लगाया कि बिभीषण खोसे और शशिकांत पाटिल ने बिना संबंधित पक्षों को विश्वास में लिए नए ट्रस्टी नियुक्त कर दिए, जो गैरकानूनी है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चैरिटी कमिश्नर को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन परिस्थितियां देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि नियमों का पालन नहीं किया गया।

मंदिर पर कब्जे की कोशिश का आरोप

पूर्व महापौर नामदेव राउत ने कहा कि यात्रा, जयंती, कुश्ती परंपरा, पुजारी, बारह महलों के मानकरी, भक्त और भजन मंडलों को अंधेरे में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी लाभ के लिए एक दस्तावेजी ट्रस्ट बनाकर मंदिर के मामलों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

कर्जत के मुख्य मानकरी बालासाहेब पाटिल ने कहा कि गोदड़ महाराज समाधि मंदिर में कुछ लोगों ने राजनीति शुरू कर दी है। मंदिर के ट्रस्टी विभिन्न समुदायों से हैं और पाटिल परिवार को वंश परंपरा से सेवा का सम्मान मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे दस्तावेजों के आधार पर नया ट्रस्ट बनाया गया है और चैरिटी ट्रस्ट को सभी सबूतों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

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