Wardha Tiger Menace:वर्धा जिले के समुद्रपुर (सोर्सः सोशल मीडिया)
Shivanphal Tadgaon Tiger Reserve: वर्धा जिले के समुद्रपुर तहसील में वाघों के लगातार बढ़ते आवागमन से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर स्थायी और वैज्ञानिक समाधान निकालने के लिए शिवणफल तथा ताडगांव वन क्षेत्र को व्याघ्र प्रकल्प घोषित किया जाए, ऐसी मांग महाराष्ट्र के पूर्व राज्यमंत्री अशोक शिंदे ने राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक से की है। वन मंत्री को भेजे गए पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि समुद्रपुर तहसील के लगभग 222 गांवों के क्षेत्र में इस समय वाघों का खुलेआम विचरण देखा जा रहा है।
खेत-खलिहान, नदी किनारे, सड़कों पर तथा मानव बस्तियों के आसपास वाघ दिखाई देने से किसानों, खेत मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों में भय का माहौल बना हुआ है। वाघों की दहाड़ के कारण कई बार मजदूरों को खेतों का काम अधूरा छोड़कर घर लौटना पड़ता है, जिससे कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हाल ही में कुछ वाघों को पकड़ने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन अशोक शिंदे ने स्पष्ट किया है कि केवल अस्थायी उपायों से यह समस्या हल नहीं होगी।
उन्होंने पत्र में कहा है कि ताडोबा व्याघ्र प्रकल्प से लगातार वाघों का समुद्रपुर क्षेत्र में स्थानांतरण हो रहा है, जिससे भविष्य में वाघों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। वर्तमान में तहसील में करीब 12 वाघों की मौजूदगी बताई जा रही है, जबकि स्थानीय वन विभाग स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण रखने में असफल रहा है, ऐसी भावना नागरिकों में व्याप्त है।
ये भी पढ़े: मुंबईकर ध्यान दें! BMC चुनाव के बीच मुंबई सेंट्रल RTO की सभी सेवाएं 2 दिन रहेंगी ठप, जानें कारण
इस पृष्ठभूमि में गिरड सहवन परिक्षेत्र के अंतर्गत शिवणफल एवं ताडगांव वन क्षेत्र को व्याघ्र प्रकल्प घोषित करना ही इस समस्या का स्थायी समाधान है, ऐसा शिंदे ने अपने निवेदन में कहा है। व्याघ्र प्रकल्प का दर्जा मिलने से नियोजित संरक्षण, जैव विविधता का संतुलन, आवश्यक कुंपण व्यवस्था और प्रभावी प्रबंधन संभव होगा, जिससे मानव बस्तियों पर वाघों का दबाव काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
निवेदन में प्रमुख रूप से शिवणफल-ताडगांव क्षेत्र को तत्काल व्याघ्र प्रकल्प का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू करने, जंगल संरक्षण के लिए कुंपण एवं आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित करने, विशेष आपातकालीन पथक तैनात कर सशस्त्र गश्त जारी रखने, वाघों से प्रभावित किसानों एवं पशुधन हानि के मामलों में त्वरित और पर्याप्त मुआवजा देने, तथा नागरिकों से सीधा संवाद रखने वाली प्रभावी सतर्कता एवं समन्वय प्रणाली विकसित करने की मांग की गई है। इस मांग का ज्ञापन समुद्रपुर के वनपरिक्षेत्र अधिकारी गावंडे को भी सौंपा गया है।