Forest Department Alert: वर्धा जिले में बाघ और तेंदुओं के बढ़ते मुक्त विचरण से दहशत का माहौल है, जिसे देखते हुए प्रादेशिक व वन्यजीव वन विभाग ने गश्त बढ़ाकर अलर्ट…
Ghodazari Wildlife Sanctuary: चंद्रपुर के घोडाझरी वन्यजीव अभयारण्य के पास खनन परियोजना को मिली मंजूरी से बाघ कॉरिडोर पर खतरा बढ़ गया है और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका गहरा गई…
Wardha Tiger Menace:वर्धा जिले के समुद्रपुर तहसील में वाघों के बढ़ते आतंक को देखते हुए पूर्व राज्यमंत्री अशोक शिंदे ने शिवणफल-ताडगांव वन क्षेत्र को व्याघ्र प्रकल्प घोषित करने की मांग…
Wildlife Destinations for Family: बच्चों के साथ घूमने के लिए ऐसी जगहों की तलाश जरूरी होती है जो सुरक्षित होने के साथ एडवेंचर से भरपूर हों। ऐसे में वाइल्डलाइफ डेस्टिनेसन…
New Year Celebration: नए साल के स्वागत के लिए इस बार सैलानियों ने शहरों के शोर के बजाय जंगलों की शांति को चुना है। ताडोबा, पेंच और उमरेड-करहंडला जैसे टाइगर…
Navegaon Nagzira Tiger Reserve: नवेगांव-न्यू नागझिरा प्रकल्प का पीतांबरटोला गेट तेजी से सफारी हॉटस्पॉट बन रहा है। यहां तेंदुआ, हिरण, मोर और तितलियों के शानदार दर्शन पर्यटकों को आकर्षित कर…
Bor Wildlife Sanctuary: 25 साल बाद बोर टाइगर रिजर्व के विस्तार को हरी झंडी मिली। इसके विस्तार के लिए 5 गांवों को विस्थापित किया जाएगा। इसमें 1100 से अधिक परिवारों…
Tigress Durga Release Delay: बोर टाइगर प्रोजेक्ट के बफर क्षेत्र से रेस्क्यू की गई बाघिन ‘दुर्गा’ पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है, लेकिन अब भी अपने प्राकृतिक आवास में लौटने…
Katrina Tigress Sightings: बोर व्याघ्र प्रकल्प में बाघिन कैटरीना और शावकों के दर्शन से पर्यटकों में उत्साह। दिवाली अवकाश में जंगल सफारी के लिए बड़ी भीड़ देखी जा रही है।
Jungle Safari: बल्लारपुर संभाग के मध्यचांदा वन विभाग के अंतर्गत बल्लारशाह वन क्षेत्र में कारवा-बल्लारशाह जंगल सफारी के गेट खोले जा चुके है। पहले दिन पर्यटकों ने यहां मौजूद वन्यजीवों…
Phone Photography Ban: जंगल सफारी की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान पर्यटक जंगल में फोन से फोटो और सेल्फी लेने के शौकी होते है। लेकिन अब पर्यटक फोटोग्राफी नहीं…
Koka Wildlife Sanctuary: भंडारा जिले के कोका अभ्यारण्य में जंगल सफारी का आज यानी 1 अक्टूबर से आगाज होने जा रहा है। नए सीजन का आगाज होते ही इको टूरिज्म…
Pench Wildlife: भारी बारिश के कारण पेंच व्याघ्र प्रकल्प के कई पर्यटन मार्गों की हालत खस्ता हो गए थे। इस कारण हर साल 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुलने…
Tipeshwar Wildlife Sanctuary: यवतमाल जिले का टिपेश्वर अभ्यारण्य अब धीरे-धीरे लोगों को ध्यान आकर्षित कर रहा है। पिछले कुछ सालों में बाघों की मौजूदगी के कारण यहां पर्यटकों की संख्या…