
वर्धा. राज्य सरकार व विश्व बैंक के सहयोग से नानाजी देशमुख कृषी संजीवनी योजना आरंभ की गई है. योजना के अंतर्गत किसानों को 50 से 100 प्रश तक अनुदान दिया जाता है. जिले के 125 गावों का योजना में समावेश ककिया गया है. अबतक पात्र किसानों 70 करोड रूपयों का अनुदान वितरीत किया गया है. कृषी संजीवनी यह सबसे अधिक अनुदान देनेवाली योजना होने के कारण किसानों को योजना में समाविष्ट करने के निर्देश जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार संबंधित अधिकारियों दिये है.
जिलाधिकारी ने कृषी संजीवनी योजना की समिक्षा की.इस अवसर पर जिला कृषि अधीक्षक अनिल इंगळे, आत्मा के प्रकल्प संचालक डा. विद्या मानकर, जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक वैभव लहाने, उपविभागीय कृषी अधिकारी अजय राऊत, नाबार्ड के जिला प्रबंधक व्यवस्थापक प्रविण मुले व विविध विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.
योजना के लिये तीन चरण में गावों का चयन किया गया है. 65 ग्रापं में 125 गावों का समावेश किया गया है. योजना के अंतर्गत किसानों को पौधारोपण, फलबाग, शेडनेट हाऊस, पॉली हाऊस, स्बजी फसल की बुआई, बकरी व मुर्गी पालन, रेशीम उद्योग, मधुमक्षिका पालन, मत्स्यपालन, कृषी आधारीत उद्योग, गेंचुआ खाद व नाडेप कंपोस्ट उत्पादन युनिट, ट्रैक्टर, पॉवर टिलर, स्वयंचलित मशनरी, फलोत्पादन मशनरी, फसल संरक्षक सामुग्री, बुआई यंत्र के लिये अनुदान दिया जाता है.
चयानित गाव के 22 हजार 500 किसानों का योजना में समावेश किया गया है. ग्राम पंचायतस्तर ग्राम संजीवनी समिति की स्थापना की गई है. पात्र किसान का अनुदान सिधा उसके बैंक खाते में जमा किया जाता है. योजना की जानकारी किसानों तक पहुंचाकर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के निर्देश जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार ने दिये.






