लाडकी बहिन के बाद अटकी बाल संगोपन योजना, 4,250 लाभार्थी परेशान; सीईओ को सौंपा ज्ञापन

Wardha Bal Sangopan Yojana: वर्धा में बाल संगोपन योजना के 4,250 लाभार्थियों को लाडकी बहिन योजना के बाद अनुदान नहीं मिल रहा। तीन वर्षों से डीबीटी रुकी है। महिलाओं ने जिला परिषद में ज्ञापन सौंपा।
After the 'Ladki Behan' scheme, the child care scheme is also stalled; 4,250 beneficiaries are troubled; a memorandum has been submitted to the CEO.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Wardha Ladki Bahin Scheme: वर्धा महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बाल संगोपन योजना अनाथ, निराधार, बेघर, दिव्यांग एवं एकल महिलाओं को राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है। जिले में इस योजना के अंतर्गत कुल 4,250 लाभार्थी हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को प्रति माह 2,250 रुपये का शासकीय अनुदान दिया जाता है।

हालांकि, लाडकी बहिन योजना लागू होने के बाद से बाल संगोपन योजना के कई लाभार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बाल संगोपन योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 2,250 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। पूर्व में महिला एवं बाल विकास विभाग को निधि प्राप्त होने के बाद यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती थी। बाद में शासन ने लाभार्थियों की सूची मंगवाकर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) पद्धति से लाभ देने की नीति अपनाई।

इस योजना का लाभ 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के अनाथ, निराधार, बेघर बच्चे, विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग महिलाएं, बीमार माता पिता को संतानें तथा जिन बच्चों के माता-पिता (माता या पिता) का निधन हो चुका है, उन्हें दिया जाता है। लेकिन लाडकी बहिन योजना शुरू होने के बाद से बाल संगोपन योजना के लाभार्थियों को शासकीय अनुदान नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

लाभार्थियों अधिकारियों ध्यान ने का आकर्षित किया: एकल, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके बच्चों के संगोपन में सहायता करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। हालांकि, पिछले दो वर्षों से इस मूल उद्देश्य को आघात पहुंचा है।

लाडकी बहिन योजना शुरू होने के बाद वर्ष 2024, 2025 और चालू वर्ष का बाल संगोपन योजना का निधि नहीं मिलने से इन महिलाओं के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लाभार्थियों का कहना है कि जानकारी लेने पर बताया गया कि यह निधि लाडकी बहिन योजना में स्थानांतरित कर दी गई है।

इसी के विरोध में सोमवार 2 तारीख को जिले की कुछ महिलाएं एकत्र होकर जिला परिषद पहुंचों और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।

लाभार्थियों को प्रति माह 2,250 रुपए की राशि

वर्धा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मनीषा कुरसंगे ने बताया कि बाल संगोपन योजना के लाभार्थियों को प्रति माह 2,250 रुपये की राशि उनके बैंक खातों में जमा की जाती है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से अनुदान नहीं मिलने की शिकायते प्राप्त हुई है।

लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शासन स्तर पर लगातार पाठपुरावा किया जा रहा है। शीघ्र ही लाभार्थियों के बैंक खातों में अनुदान की राशि जमा होने की उम्मीद है।

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