

Wardha Merchant Nagari Sahakari Patsanstha: वर्धा स्थित एक सहकारी पतसंस्था के अध्यक्ष तथा संचालक मंडल पर संयुक्त खाते में जमा 28 लाख रुपये से अधिक की राशि का कथित रूप से दुरुपयोग कर हड़पने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने शहर पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, समता नगर निवासी तथा ले-आउट डेवलपमेंट व्यवसाय से जुड़े दिनेश काशिनाथ थूल ने शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में कहा गया है कि वर्धा मर्चेंट नागरी सहकारी पतसंस्था के अध्यक्ष भीमराव उर्फ भीमा राजेंद्र शंभरकर ने संस्था की आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें और उनके व्यवसायिक भागीदारों को संयुक्त बचत खाता खोलने के लिए प्रेरित किया था। शिकायत के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को दिनेश थूल तथा उनके तीन अन्य व्यवसायिक
भागीदारों ने संयुक्त बचत खाता खुलवाया। प्लॉट बिक्री से प्राप्त होने वाली राशि इस खाते में जमा की जाती थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि 5 मई 2026 तक खाते में कुल 28 लाख 15 हजार 577 रुपये की राशि शेष थी, जिसकी जानकारी उन्हें मोबाइल संदेश के माध्यम से भी प्राप्त हुई थी। बताया गया कि सिंदी (मेघे) क्षेत्र में ले-आउट विकास कार्य के लिए मई 2026 में उन्हें बड़ी रकम की आवश्यकता होने पर शिकायतकर्ता व उनके भागीदार 15 मई को संस्था के मुख्य
कार्यालय पहुंचे। वहां उन्हें कथित रूप से यह बताया गया कि संस्था के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है, इसलिए भुगतान संभव नहीं है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने सहयोगियों के साथ संस्था अध्यक्ष से मुलाकात की। प्रकरण की विस्तृत जांच कर संबंधितों के विरुध्द भारतीय न्याय संहिता तथा महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ डिपॉजिटर्स इंटरेस्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरु कर दी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अध्यक्ष ने एक सप्ताह में राशि लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई। यहां तक कि आंशिक राशि देने तथा खाते का विवरन उपलब्ध कराने से भी इनकार किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संस्था अध्यक्ष और संचालक मंडल ने मिलीभगत कर विश्वासघात और आर्थिक फर्जीवाड़ा किया है।