चुनावी बयार: 1,303 CU व 2,406 BU मशीनें पहुंची तहसील, राजनीतिक दल सक्रिय, मशीनों की होगी जांच पड़ताल

Electronic Voting Machine: महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव के लिए ईवीएम मशीनें इकट्ठी की जा रही है। वर्धा जिले में चुनाव के लिए मशीनों का वितरण शुरू किया जा चुका है।
Electronic Voting Machine: महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव के लिए ईवीएम मशीनें इकट्ठी की जा रही है। वर्धा जिले में चुनाव के लिए मशीनों का वितरण शुरू किया जा चुका है।
वोटिंग मशीन (सौजन्य-IANS, कंसेप्ट फोटो)
Updated on

Maharashtra Local Body Elections: वर्धा जिला परिषद व पंचायत समिति का चुनावी बिगुल किसी भी समय बज सकता है। इसके लिए प्रशासनित स्तर पर तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है। प्रभाग रचना के बाद गुटों व का गणों आरक्षण भी जारी हुआ है। इसकी अंतिम रिपोर्ट 31 अक्टूबर को तैयार कर 3 नवंबर को इसे सार्वजनिक तौर पर पेश किया जाएगा।

जिले में जिला परिषद की 52 व पंचायत समिति की 102 सीटों के लिए चुनाव होने है। इसके लिए जिले में करिब 1,300 मतदान केंद्र रहने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए ग्रामीण चुनाव विभाग ने वरिष्ठ स्तर पर ईवीएम मशीनों की मांग की थी। इसके अनुसान जिले में 1303 कन्ट्रोल यूनिट व 2406 बैलेट यूनिट मशीने पहुंची है। उक्त मशीनों का स्थानीय चुनाव विभाग द्वारा तहसील स्तर पर वितरण किया गया है।

मशीनों की होगी जांच पड़ताल

इन मशीनों को सुरक्षित रुप से स्वतंत्र कक्ष में रखा गया है। चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लगने वाला मनुष्यबल, सामग्री व अन्य बातों का नियोजन किया जा रहा है। उल्लेखनीय यह कि, जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव के लिए लगने वाली ईवीएम मशीनें जिले में पहुंच चुकी है।

इन मशीनों का तहसील स्तर पर वितरण भी हुआ है। यही नहीं तो 28 से 30 अक्टूबर तीन दिनों तक सभी बैलेट यूनिट व कन्ट्रोल यूनिट मशिनों की जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद उक्त मशीनों को मतदान प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाएगा। पूरी सुरक्षा के बीच मशीनों को रखा गया है।

राजनीतिक दल सक्रिय

जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव जनवरी में होने की संभावना है। इस दिशा में तैयारियां चल रही है। दूसरी ओर चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है इच्छूक उम्मीदवार अपनी दावेदारी पक्की करने में लगे हुए है। गुट व गणों का आरक्षण जारी होने के बाद कई प्रस्तापितों को धक्का पहुंचा है। अनेक जगह नए चेहरों को अवसर मिलने की संभावना है। लगभग सभी दलों में गुटबाजी भी उभरकर सामने आ रही है। हर कोई एक दूसरे की टांग खींचने में लगा हुआ है।

Navbharat Live
navbharatlive.com