महाराष्ट्र में देश का पहला एडवोकेट ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर शुरू, CM फडणवीस और पूर्व CJI गवई ने किया उद्घाटन

BBATRC Navi Mumbai: महाराष्ट्र-गोवा बार काउंसिल की पहल पर नवी मुंबई में भारत की पहली एडवोकेट ट्रेनिंग एकेडमी BBATRC का उद्घाटन सीएम देवेंद्र फडणवीस ने किया। सरकार 10 करोड़ की ग्रांट देगी।
Bharat Ratna Ambedkar Advocate Training Centre Inauguration
भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर एडवोकेट ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व पूर्व सीजीआई भूषण आर गवई (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Advocate Training Academy: महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा बनाए गए भारत के पहले 'भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर एडवोकेट ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर' (BBATRC) का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पूर्व सीजीआई भूषण आर गवई की उपस्थिति में हुआ। नवी मुंबई के तलोजा में बनाई गई देश की पहली एडवोकेट एकेडमी सेंटर की इमारत को ऐतिहासिक बताते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि देश में अब तक जजों की ट्रेनिंग के लिए एकेडमी थी जबकि किसी बार काउंसिल ने वकीलों के लिए पहली बार पहल की। यह एकेडमी कानूनी शिक्षा और कोर्ट के काम (कोर्ट क्राफ्ट) के बीच के गैप को भरने में अहम भूमिका निभाएगी।

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता

इस फंक्शन की अध्यक्षता बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर ने की। मेघालय हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे, भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एडवोकेट अनिल सिंह, महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल डॉ. मिलिंद साठे और गोवा के एडवोकेट जनरल एडवोकेट देवीदास पंगम मौजूद थे।

सरकार देगी 10 करोड़ अनुदान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने लीगल ट्रेनिंग और रिसर्च को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। सरकार की जमीन का सबसे अच्छा इस्तेमाल करके बहुत कम समय में यह बेहतरीन स्ट्रक्चर बनाया गया है। वकीलों के लिए एक इंडिपेंडेंट ट्रेनिंग एकेडमी शुरू करने का पहली बार निर्णय और अमल महाराष्ट्र में हुआ है। बदलते कानूनों, नए क्रिमिनल कानूनों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी के सही इस्तेमाल से निपटने के लिए ट्रेंड वकीलों और प्रॉसिक्यूटर को तैयार करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले बजट सेशन में एकेडमी के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से 10 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी। उन्होंने कानून क्षेत्र में अनुसंधान पर जोर देने की अपील की। इस अवसर पर सीएम ने पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार के कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

विधी महर्षि पुरस्कार

कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ वकील और बीसीएमजी के अध्यक्ष हर्षद निंबालकर ने की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न्यायमूर्ति बीबी चव्हाण को 'विधि महर्षि पुरस्कार' प्रदान किया, जबकि अमरावती के सिविल वकील ज्ञानेश्वर बावरेकर का मरणोपरांत पुरस्कार उनके बेटे एडवोकेट संजय बावरेकर ने स्वीकार किया।

जाने माने अधिवक्ता रहे उपस्थित

समारोह में बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा (बीसीएमजी) के उपाध्यक्ष एडवोकेट जयंत डी जायभावे, बीबीएटीआरसी के अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. उदय पी. वारुंजिकर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के सदस्य एडवोकेट आशीष पी. देशमुख और समन्वयक और उपाध्यक्ष एडवोकेट संग्राम डी. देसाई, मोतीसिंह जी मेहता, एडवोकेट गजानन बी चव्हाण, एडवोकेट मिलिंद एस पाटिल, एडवोकेट वंसत डी सालुंखे, एडवोकेट मिलिंद एस थोबडे, एडवोकेट अविनाश जे भिडे, एडवोकेट वसंतराव ई भोसले, एडवोकेट अनिल एम गोवार्डिपे, एडवोकेट विवेकानंद एन घाटगे, एडवोकेट आसिफ एस कुरैशी, एडवोकेट अविनाश बी अव्हाड, एडवोकेट अमोल एस सावंत, एडवोकेट अन्नाराव पाटिल, एडवोकेट सतीश ए देशमुख, वरिष्ठ एडवोकेट सुदीप आर पसबोला, एडवोकेट सुभाष जे घाटगे, एडवोकेट विट्ठल बी कोंडे-देशमुख, एडवोकेट अहमदखान यू पठान, एडवोकेट राजेंद्र बी उमप, एडवोकेट पारिजात एम पांडे आदि उपस्थित थे।

- नवभारत लाइव के लिए मुंबई से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट

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