ठाणे महानगरपालिका का अतिक्रमण विभाग किश्तें वसूलने की सशक्त यंत्रणा, जितेंद्र आव्हाड का बड़ा आरोप

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक जितेंद्र ने गंभीर आरोप लगाया है कि ठाणे नगर निगम का अतिक्रमण विभाग किश्तें वसूलने का एक शक्तिशाली यंत्रणा है।
अतिक्रमण विभाग किश्तें वसूलने की सशक्त यंत्रणा
अतिक्रमण विभाग किश्तें वसूलने की सशक्त यंत्रणा। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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ठाणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक जितेंद्र ने गंभीर आरोप लगाया है कि ठाणे नगर निगम का अतिक्रमण विभाग किश्तें वसूलने का एक शक्तिशाली यंत्रणा है। उन्होंने यह भी खुलासा किया है कि "अतिक्रमण विभाग को हस्तांतरण के लिए 5 करोड़ रुपये चुकाने पड़ते हैं।"

आव्हाड ने क्लस्टर योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मानपाड़ा क्षेत्र के 80 नागरिकों के विरोध के बावजूद जबरन योजना थोपी जा रही है। उन्होंने पूछा, "बड़े घरों में रहने वाले नागरिक क्लस्टर में क्यों भाग लेंगे? अब तक के सफल योजनाओं का लेखा-जोखा कहां है?"

जल संकट को लेकर अधिकारी चिंतित

आव्हाड ने यह भी आरोप लगाया कि एसआरए योजना बंद कर दी गई है और उसे जबरन क्लस्टर योजना में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने जल संकट को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधते हुए सवाल किया, "2,000 करोड़ रुपये की लागत से सड़कें बनाई जा रही हैं, लेकिन ठाणे के लोगों के लिए बांध क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं?"

आव्हाड ने कहा, "जब डेवलपर्स को ओसी दिए जाते हैं, तो उन्हें नागरिकों को पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाती है। यदि वे पानी उपलब्ध नहीं करा सकते, तो उन्हें ओसी क्यों दिए जाते हैं?" उन्होंने यह भी मांग की कि नगर निगम आयुक्त भविष्य में नए निर्माणों को ओसी देना बंद करें।

जमीन पर कब्जे और पुलिस की निष्क्रियता

आव्हाड ने यह भी खुलासा किया कि ठाणे में जमीन पर कब्जे की घटनाएं बढ़ी हैं। "अदालत और नगर निगम के फैसले के बावजूद पिछड़ी जाति की महिला के पक्ष में अहमद पठान नामक व्यक्ति ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। पुलिस भी कुछ नहीं कर रही है। अगर न्याय नहीं मिला तो हम अपने तरीके से नियंत्रण करेंगे," आव्हाड ने जनता दरबार में सीधी चेतावनी भी दी है।

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