Bhayandar illegal construction (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira-Bhayandar Illegal Construction: भाईंदर शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच शुक्रवार सुबह जय अंबे नगर क्षेत्र में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब कार्रवाई करने पहुंची मनपा की टीम और स्थानीय पार्षद के बीच तीखी झड़प हो गई। घटना भाईंदर पश्चिम के जय अंबे नगर झोपड़पट्टी की है, जहाे मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की टीम कथित रूप से सरकारी और फॉरेस्ट विभाग की जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुँची थी।
आरोप है that स्थानीय भाजपा पार्षद अशोक तिवारी ने टीम को कार्रवाई से रोका। उन पर अधिकारियों के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण कार्य रुकवाने को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ समय तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि, इस मामले में अब तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक एफआईआर की पुष्टि नहीं हुई है।
विवादित जमीन को फॉरेस्ट विभाग की मैंग्रोव क्षेत्र की भूमि बताया जा रहा है। आरोप है कि यहाँ मैंग्रोव जंगल की जमीन भरकर झोपड़ियाँ बनाई जा रही हैं और उन्हें 20 से 25 लाख रुपये में बेचा जा रहा है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि ऐसे निर्माण पर्यावरण नियमों का उल्लंघन हैं और शहर की पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
हाल ही में मेयर बनीं डिंपल मेहता ने पद संभालते ही शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने के निर्देश दिए थे। मेयर ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जानकारी ली जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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घटना के बाद विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने पार्षद की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही सरकारी कार्य में बाधा डालेंगे, तो कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे। वहीं जय अंबे नगर झोपड़पट्टी के नागरिकों का कहना है कि मनपा प्रशासन अमीरों के अवैध निर्माण को संरक्षण देता है और गरीबों के घरों पर तोड़क कार्रवाई कर पक्षपात करता है।