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Mahashivratri Gadchiroli: महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में विदर्भ की काशी के रूप में प्रसिद्ध मार्कंडादेव समेत जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में यात्राओं का आयोजन किया जाता है, जहां जिले के साथ-साथ बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भगवान शिव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए राज्य परिवहन निगम (रापनि) ने विशेष नियोजन करते हुए करीब 70 स्पेशल बसें चलाने का निर्णय लिया है।
इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए 14 फरवरी से ही यात्रियों का आना-जाना शुरू हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रापनि ने 14 फरवरी से स्पेशल बसों का संचालन शुरू करने की योजना बनाई है। गडचिरोली जिले के चामोर्शी तहसील स्थित मार्कंडादेव, अरततोंडी, चपराला, व्यंकटापुर सहित कई गांवों के शिव मंदिरों में इस अवसर पर यात्राओं का आयोजन किया जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
विदर्भ की काशी के रूप में प्रसिद्ध चामोर्शी तहसील के मार्कंडादेव में महाशिवरात्रि के अवसर पर सबसे बड़ी यात्रा आयोजित होती है। यह यात्रा करीब 8 से 10 दिनों तक चलती है, जिसमें जिले के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए रापनि ने अकेले मार्कंडा यात्रा के लिए 51 स्पेशल बसें चलाने का निर्णय लिया है। इन बसों का संचालन विभिन्न स्थानों से किया जाएगा।
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चामोर्शी तहसील के मार्कंडादेव में महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन होता है। शुरुआती चार-पांच दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि के दिन का महत्व अधिक होने के कारण इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मार्कंडेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके बाद अगले पांच दिनों तक यात्रा देखने वालों की भीड़ लगातार बनी रहती है।