Yavatmal municipal council (सोर्सः सोशल मीडिया)
Yavatmal Municipal Council: यवतमाल नगर परिषद क्षेत्र में शुरू की गई दैनिक वसूली को आखिरकार बंद कर दिया गया है। यह निर्णय यवतमाल नगर परिषद की सर्वसाधारण सभा में लिया गया। इस अनिवार्य वसूली से व्यापारियों में भारी नाराजगी फैल गई थी। सबसे पहले शिवसेना के पार्षद पिंटू बांगर ने व्यापारियों को साथ लेकर नगर परिषद के खिलाफ हल्लाबोल आंदोलन किया था।
लगातार विरोध के चलते नई कार्यकारिणी के गठन के बाद दैनिक वसूली बंद करने का निर्णय लिया गया। शहर के व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। शहर में दैनिक वसूली के कारण व्यापारियों और ठेकेदारों के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी।
नगर परिषद क्षेत्र में सड़कों पर व्यवसाय करने वालों से शुल्क वसूलने का ठेका दिए जाने के बाद संबंधित ठेकेदार न केवल फुटपाथ पर व्यवसाय करने वालों से, बल्कि दुकानों में व्यवसाय करने वाले व्यापारियों से भी जबरन वसूली कर रहा था। व्यापारियों के तीव्र विरोध को देखते हुए नगर परिषद ने दैनिक वसूली बंद करने का निर्णय लिया। पिंटू बांगर ने सर्वसाधारण सभा में सुझाव दिया कि कर भरने वाले व्यापारियों से दैनिक वसूली न की जाए, ठेकेदार मनमानी राशि जबरन न वसूले और सर्वसमावेशी नीति तय किए बिना वसूली संबंधी कोई निर्णय न लिया जाए।
दस मीटर के भीतर स्थित छोटे दुकानों के लिए 30 रुपये और बड़े दुकानों के लिए 50 रुपये शुल्क तय होने के बावजूद 100 से 200 रुपये तक की जबरन वसूली की जा रही थी। दुकान के बाहर सामान रखने पर भी धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे। इससे नाराज व्यापारियों ने पिंटू बांगर के नेतृत्व में नगर परिषद पर हल्लाबोल आंदोलन किया था। इसके अलावा नगर परिषद में भाजपा के गटनेता नितीन गिरी ने भी दैनिक वसूली का विरोध किया।
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संपत्ति कर पर ब्याज माफी के लिए पूर्व सांसद भावना गवली ने सरकार से लगातार आग्रह किया था। उनकी मांग के अनुरूप एकनाथ शिंदे ने पूरे राज्य की नगर परिषद सीमाओं में संपत्ति कर पर ब्याज माफी हेतु अभय योजना लागू की। इस संदर्भ में पिंटू बांगर ने सभा में दोनों नेताओं का अभिनंदन करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर उपस्थित सदस्यों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।