प्रशांत नगर उद्यान की बदहाली तस्वीर ( सोर्स: नवभारत)
Amravati Prashant Nagar Garden News: अमरावती शहर के मध्यवर्ती क्षेत्र प्रशांत नगर स्थित करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित उद्यान आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। कभी स्वच्छ, सुंदर और नागरिकों की सेहत का केंद्र रहा यह बगीचा अब उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। खेल उपकरण जर्जर, लाइटें बंद, फव्वारे सूखे हजारों नागरिक प्रतिदिन सुबह-शाम यहां व्यायाम, सैर और बच्चों के खेलकूद के लिए आते हैं।
बुजुर्गों के लिए यह स्वास्थ्य साधना का स्थान है तो बच्चों के लिए मनोरंजन का केंद्र। लेकिन पिछले 4 वर्षों से उद्यान की देखरेख न होने के कारण यहां की स्थिति चिंताजनक हो गई है। बच्चों के खेल उपकरण पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। कई जगह लाइटें बंद पड़ी हैं, पानी के फव्वारे जंग खा रहे हैं और स्वच्छता व्यवस्था बदहाल है। बैठने के लिए पर्याप्त बेंच नहीं हैं, जबकि हरियाली को बनाए रखने की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती।
प्रदूषण नियंत्रण और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला यह उद्यान आज प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बन गया है। बगीचे की दुर्दशा व लापरवाही को लेकर तथा मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित उद्यान, निर्माण और प्रकाश विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाने। युद्धस्तर पर सुधार कार्य शुरू करने की मांग यूनायटेड रिपब्लिकन फोरम के संयोजक किरण गुडधे ने मनपा आयुक्त से की है।
प्रशांत नगर बगीचे की दुर्दशा को गंभीरता से लेते हुए यूनायटेड रिपब्लिकन फोरम के संयोजक किरण गुडधे ने मनपा आयुक्त से संबंधित उद्यान, निर्माण और प्रकाश विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा युद्धस्तर पर सुधार कार्य शुरू करने की मांग की है।
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किरण गुडधे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं किए गए तो नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशांत नगर का यह बगीचा केवल हरियाली का स्थान नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की जीवनशैली का हिस्सा है। अब देखना यह है कि मनपा प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब जागता है और करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति को बचाने के लिए ठोस कदम उठाता है।