-
बुध, 1 जुलाई 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Special Coverage »
- No Confidence Motion Against Lok Sabha Speaker Om Birla Article 94c Rahul Gandhi Row
संपादकीय: अविश्वास प्रस्ताव समस्या का हल नहीं, क्यों बढ़ रहा है संसद में टकराव?
- Written By: आकाश मसने
Parliamentary crisis in India: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ 120 विपक्षी सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया। राहुल गांधी को बोलने से रोकने और सांसदों के निलंबन पर निष्पक्षता को लेकर विवाद गहरा गया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (डिजाइन फोटो)
No Confidence Motion Against Om Birla: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संविधान के ला अनुच्छेद 94 (सी) के तहत लाया गया अविश्वास प्रस्ताव देश की संसदीय राजनीति में आए असाधारण तनाव को दर्शाता है। असंतोष इतना बढ़ गया कि विपक्ष के 120 सांसदों ने अविश्वास लाने की पहल की। यह हमारी संसदीय प्रणाली में आए गहन संकट को रेखांकित करता है। इस संवैधानिक प्रावधान में 14 दिनों के नोटिस के बाद सदन में प्रस्ताव पारित कर अध्यक्ष को हटाया जा सकता है। अब तक का अनुभव रहा है कि ऐसे अविश्वास प्रस्ताव दुर्लभ व विफल साबित हुए हैं। सत्ता पक्ष के बहुमत की वजह से ऐसा प्रस्ताव गिर जाता है।
मुद्दा यह है कि विपक्ष ने यह कदम क्यों उठाया। पहले तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने की अनुमति नहीं दी। विपक्ष ने इसे केवल प्रक्रिया का दोष नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक निष्पक्षता का उल्लंघन माना है। गत 2 फरवरी को राहुल को उनका भाषण पूरा करने से रोका गया। इसके अलावा विपक्ष के 8 सदस्यों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित करने का सख्त कदम उठाया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों पर लगाए आराेप
सदन की व्यवस्था का सुचारू प्रबंधन करने की बजाय लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों पर आरोप लगाए, उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला था कि विपक्ष की महिला सदस्य प्रधानमंत्री के साथ कोई अभूतपूर्व आचरण या अनहोनी कर सकती हैं, इसलिए उन्होंने उस दिन पीएम मोदी को सदन में नहीं आने को कहा था। इस तरह के आरोप को विपक्ष ने बेबुनियाद व गैरजिम्मेदाराना माना है।
सम्बंधित ख़बरें
‘पार्ट-टाइम राजनीति से नहीं जीत सकते चुनाव’, शर्मिष्ठा मुखर्जी का राहुल पर बड़ा हमला; कांग्रेस को दी ये नसीहत
नागपुर मनपा का करोड़ों रुपए का बजट पेश! बड़े-बड़े सपनों के बीच कर्ज और सरकारी मदद के भरोसे निरंतर विकास
ग्वालियर में प्रहलाद पटेल का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- संविधान की बात करने वालों का इतिहास देश जानता है
राहुल गांधी को बड़ी राहत, कार्तिकेय चौहान की ओर से मानहानी केस को बंद करने की प्रार्थना; मामला हुआ क्लोज!
यह कल्पना से बाहर है कि कोई निर्वाचित महिला सदस्य पीएम के साथ ऐसा कुछ करेगी। विपक्ष मानता है कि अध्यक्ष की भूमिका पक्षपातपूर्ण तथा उनके संवैधानिक पद के अनुकूल नहीं रही। अविश्वास प्रस्ताव के आलोचकों का तर्क है कि सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के बहुमत की वजह से यह प्रस्ताव सदन में पारित नहीं हो सकता। यह सिर्फ सांकेतिक राजनीति है। इसमें विपक्ष की अधिकांश पार्टियों की यह भावना प्रतिबिंबित होती है कि अध्यक्ष को निष्पक्ष रहना चाहिए, न कि सत्तापक्ष के एजेंडा को आगे बढ़ाने वाला।
यह भी पढ़ें:- नवभारत विशेष: कहीं नासूर न बन जाए वित्तीय लेन-देन, क्यों चाहिए सख्त डेटा प्राइवेसी कानून?
अध्यक्ष का बर्ताव हेडमास्टर जैसा!
कुछ का यह भी आरोप है कि अध्यक्ष का बर्ताव पीठासीन अधिकारी जैसा न होकर किसी हेडमास्टर जैसा है। उनका दृष्टिकोण और व्यवहार पक्ष और विपक्ष को समान अवसर देने वाला होना चाहिए। वह लगातार सरकार का साथ देते प्रतीत होते हैं। लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का मामला दुर्लभ है। आजादी के बाद से केवल 3 बार ऐसा प्रस्ताव लाया गया और हर बार गिर गया। कभी किसी अध्यक्ष को अपना पद नहीं खोना पड़ा। पिछली बार राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ व उपसभापति हरिवंश के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस ठुकरा दिए गए थे। इस तरह का प्रस्ताव समस्या का हल नहीं है। वस्तुतः अध्यक्ष का दायित्व है कि वह विपक्ष का भरोसा हासिल करें।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
No confidence motion against lok sabha speaker om birla article 94c rahul gandhi row
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Jagannath Temple: पुरी के जगन्नाथ मंदिर का वो रहस्य… जब ‘कड़वे नीम का चूर्ण’ बन गया भगवान का सबसे प्रिय भोग
Jul 01, 2026 | 08:30 PMसिर्फ कब्जे से नहीं मिलता मालिकाना हक: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अलीगढ़ नगर निगम का बेदखली नोटिस बरकरार
Jul 01, 2026 | 08:30 PM31 हाईटेक बस डिपो, 200 करोड़ का बॉन्ड… बिहार कैबिनेट ने खोला विकास का पिटारा, 29 फैसलों पर लगाई मुहर
Jul 01, 2026 | 08:24 PMपुणे में खाकी की गुंडागर्दी! सब इंस्पेक्टर ने कैफे में की तोड़फोड़ और बदसलूकी VIDEO देख भड़के नेटिजन्स
Jul 01, 2026 | 08:19 PMबिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल और… सर्दियों से पहले दिल्ली में लागू होंंगे नए नियम, रेखा सरकार ने कसी कमर
Jul 01, 2026 | 08:10 PMMumbai-Amritsar Express में लगी भीषण आग! जलगांव स्टेशन पर मची भगदड़, सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
Jul 01, 2026 | 08:07 PMLock Upp 2 Update: ‘लॉकअप 2’ में वरुण यादव को किस करते दिखे राम कपूर, क्लिप सामने आते ही भड़के यूजर्स
Jul 01, 2026 | 08:02 PMवीडियो गैलरी

Indus Water Treaty: भारत की सिंधु जल स्ट्राइक से पाकिस्तान में डर! आने वाला है बड़ा संकट?-VIDEO
Jul 01, 2026 | 06:30 PM
दिहाड़ी मजदूर की बेटी को मिला 21 करोड़ का टैक्स नोटिस, पैन कार्ड के दुरुपयोग से हैरान परिवार, video वायरल
Jul 01, 2026 | 02:49 PM
अखिलेश यादव का जन्मदिन और ‘श्रीकृष्ण’ अवतार! हाथ में संविधान ने गरमाई यूपी की राजनीति; देखें वीडियो
Jul 01, 2026 | 02:07 PM
1 जुलाई से लागू 6 बड़े बदलाव! पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता, ITR फाइलिंग और क्रेडिट कार्ड यूजर्स को लगा झटका
Jul 01, 2026 | 11:21 AM
BJP नेता को जड़ा थप्पड़! IAS रिंकू सिंह राही पर बड़ा एक्शन, 5 सदस्यीय जांच समिति गठित; देखें VIDEO
Jun 30, 2026 | 11:03 PM
MP कांग्रेस में सब ठीक? दिग्विजय-पटवारी की जुगलबंदी पर उठे सवाल, बढ़ रही BJP की ताकत; देखें VIDEO
Jun 30, 2026 | 10:47 PM














