- Hindi News »
- Special Coverage »
- No Confidence Motion Against Lok Sabha Speaker Om Birla Article 94c Rahul Gandhi Row
संपादकीय: अविश्वास प्रस्ताव समस्या का हल नहीं, क्यों बढ़ रहा है संसद में टकराव?
Parliamentary crisis in India: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ 120 विपक्षी सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया। राहुल गांधी को बोलने से रोकने और सांसदों के निलंबन पर निष्पक्षता को लेकर विवाद गहरा गया।
- Written By: आकाश मसने

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (डिजाइन फोटो)
No Confidence Motion Against Om Birla: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संविधान के ला अनुच्छेद 94 (सी) के तहत लाया गया अविश्वास प्रस्ताव देश की संसदीय राजनीति में आए असाधारण तनाव को दर्शाता है। असंतोष इतना बढ़ गया कि विपक्ष के 120 सांसदों ने अविश्वास लाने की पहल की। यह हमारी संसदीय प्रणाली में आए गहन संकट को रेखांकित करता है। इस संवैधानिक प्रावधान में 14 दिनों के नोटिस के बाद सदन में प्रस्ताव पारित कर अध्यक्ष को हटाया जा सकता है। अब तक का अनुभव रहा है कि ऐसे अविश्वास प्रस्ताव दुर्लभ व विफल साबित हुए हैं। सत्ता पक्ष के बहुमत की वजह से ऐसा प्रस्ताव गिर जाता है।
मुद्दा यह है कि विपक्ष ने यह कदम क्यों उठाया। पहले तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने की अनुमति नहीं दी। विपक्ष ने इसे केवल प्रक्रिया का दोष नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक निष्पक्षता का उल्लंघन माना है। गत 2 फरवरी को राहुल को उनका भाषण पूरा करने से रोका गया। इसके अलावा विपक्ष के 8 सदस्यों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित करने का सख्त कदम उठाया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों पर लगाए आराेप
सदन की व्यवस्था का सुचारू प्रबंधन करने की बजाय लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों पर आरोप लगाए, उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला था कि विपक्ष की महिला सदस्य प्रधानमंत्री के साथ कोई अभूतपूर्व आचरण या अनहोनी कर सकती हैं, इसलिए उन्होंने उस दिन पीएम मोदी को सदन में नहीं आने को कहा था। इस तरह के आरोप को विपक्ष ने बेबुनियाद व गैरजिम्मेदाराना माना है।
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती मनपा का 876.26 करोड़ का बजट मंजूर, आय बढ़ाने और खर्च घटाने पर जोर
‘राहुल गांधी को ट्यूशन की जरूरत’, संसद में कंगना रनौत का विपक्ष पर जोरदार हमला; इकोनॉमी पर दिया जवाब- VIDEO
कांग्रेस को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा, भाजपा प्रवक्ता ने खोले सारे राज! जानिए क्या कहा?
केरल चुनाव: कांग्रेस ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट, शशि थरूर और कन्हैया कुमार समेत यह नाम शामिल
यह कल्पना से बाहर है कि कोई निर्वाचित महिला सदस्य पीएम के साथ ऐसा कुछ करेगी। विपक्ष मानता है कि अध्यक्ष की भूमिका पक्षपातपूर्ण तथा उनके संवैधानिक पद के अनुकूल नहीं रही। अविश्वास प्रस्ताव के आलोचकों का तर्क है कि सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के बहुमत की वजह से यह प्रस्ताव सदन में पारित नहीं हो सकता। यह सिर्फ सांकेतिक राजनीति है। इसमें विपक्ष की अधिकांश पार्टियों की यह भावना प्रतिबिंबित होती है कि अध्यक्ष को निष्पक्ष रहना चाहिए, न कि सत्तापक्ष के एजेंडा को आगे बढ़ाने वाला।
यह भी पढ़ें:- नवभारत विशेष: कहीं नासूर न बन जाए वित्तीय लेन-देन, क्यों चाहिए सख्त डेटा प्राइवेसी कानून?
अध्यक्ष का बर्ताव हेडमास्टर जैसा!
कुछ का यह भी आरोप है कि अध्यक्ष का बर्ताव पीठासीन अधिकारी जैसा न होकर किसी हेडमास्टर जैसा है। उनका दृष्टिकोण और व्यवहार पक्ष और विपक्ष को समान अवसर देने वाला होना चाहिए। वह लगातार सरकार का साथ देते प्रतीत होते हैं। लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का मामला दुर्लभ है। आजादी के बाद से केवल 3 बार ऐसा प्रस्ताव लाया गया और हर बार गिर गया। कभी किसी अध्यक्ष को अपना पद नहीं खोना पड़ा। पिछली बार राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ व उपसभापति हरिवंश के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस ठुकरा दिए गए थे। इस तरह का प्रस्ताव समस्या का हल नहीं है। वस्तुतः अध्यक्ष का दायित्व है कि वह विपक्ष का भरोसा हासिल करें।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
No confidence motion against lok sabha speaker om birla article 94c rahul gandhi row
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए छात्रा पहल बनी मिसाल, स्वास्थ्य कर्मी की बेटी ने लगवाया टीका, समाज को दिया संदेश
Apr 01, 2026 | 12:40 PMIMD: चंद्रपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी, तूफान-ओलों के साथ भारी बारिश के आसार, महाकाली यात्रा के लिए खास इंतजाम
Apr 01, 2026 | 12:38 PMईरान के सामने ट्रंप का सरेंडर! होर्मुज को लेकर दिए पीछे हटने के संकेत, राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले चर्चा तेज
Apr 01, 2026 | 12:34 PMपंजाब किंग्स को जीत के बाद भी नहीं मिली राहत, BCCI ने श्रेयस अय्यर पर लगाया लाखों का जुर्माना
Apr 01, 2026 | 12:32 PMअप्रैल फूल डे पर शरद केलकर का खुलासा, बोले- हंसी और मजाक हर दिन का हिस्सा होना चाहिए
Apr 01, 2026 | 12:29 PMधुले: बुकिंग और ओटीपी के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर, ग्राहकों ने एजेंसी के बाहर किया जोरदार प्रदर्शन
Apr 01, 2026 | 12:22 PMबारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार की ‘निर्विरोध’ राह में रोड़ा, निर्दलीय बिगाड़ेंगे खेल; क्या है विपक्ष का रुख?
Apr 01, 2026 | 12:11 PMवीडियो गैलरी

गंदे कपड़ों पर मिली सजा ने ले ली जान! स्कूल में अपमानित महसूस करने वाली छात्रा ने घर जाकर किया सुसाइड- VIDEO
Mar 31, 2026 | 10:02 PM
ईरान का बड़ा फैसला, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों से वसूलेगा टोल; भारत की बढ़ेगी मुश्किलें- VIDEO
Mar 31, 2026 | 09:45 PM
बिहार में पार्टी को खड़ा करने में जुटी कांग्रेस, नए जिला अध्यक्षों पर खेला दांव; RJD-BJP वोट बैंक पर सीधी नजर
Mar 31, 2026 | 09:39 PM
सीएम योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाला मौलाना गिरफ्तार, यूपी एसटीएफ ने बिहार से दबोचा- VIDEO
Mar 31, 2026 | 09:31 PM
चैत्र के आखिरी मंगलवार को भारी हादसा! नालंदा के मंदिर में क्यों बेकाबू हुई भीड़? प्रशासन पर उठे सवाल
Mar 31, 2026 | 01:42 PM
यूट्यूबर बनाम एआरटीओ! ट्रक ड्राइवर ने अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप; सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
Mar 30, 2026 | 10:47 PM














