

Maharashtra Politics: उत्तर भारतीय एकता मंच के सभी पदाधिकारी और करीब 600 कार्यकर्ता आज शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हो गए। यह ऐतिहासिक कदम शिवसेना की एकता और महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय समुदाय के योगदान को मान्यता देने वाला माना जा रहा है।
शिंदे गुट के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभी नए सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विकास में उत्तर भारतीय समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लाखों उत्तर भारतीय मुंबई, ठाणे और राज्य के अन्य हिस्सों में रहते हैं। पीढ़ियों से यह समुदाय महाराष्ट्र की संस्कृति और मिट्टी में घुल-मिल चुका है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि सच्ची शिवसेना बाल ठाकरे और धर्मवीर आनंद दिघे की विचारधारा पर चल रही है। हमारे मुख्यमंत्री रहते हुए किए गए विकास कार्यों से प्रभावित होकर एकता मंच के पदाधिकारी शिवसेना में शामिल हुए हैं। अब हम सब एक परिवार की तरह रहेंगे और एक-दूसरे का साथ देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर भारतीय समाज की कई पुरानी मांगें लंबित हैं। इन मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। इस कदम को दोनों पक्षों ने एक नई शुरुआत और राजनीतिक मजबूती के रूप में देखा।
उत्तर भारतीय एकता मंच के अध्यक्ष प्रेम विश्वकर्मा ने कहा कि शिवसेना में शामिल होने का निर्णय विकास और एकता को ध्यान में रखकर लिया गया है। उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता और उपदेश जायसवाल ने भी कहा कि यह कदम समुदाय और राज्य के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने में मदद करेगा।
इस अवसर पर महासचिव राजकुमार यादव, सचिव दयाशंकर तिवारी और कोषाध्यक्ष अरुण तिवारी सहित मंच के सभी प्रमुख सदस्य उपस्थित थे। इस दौरान लगभग 600 कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना शिंदे गुट की सदस्यता ली। शिंदे गुट ने इस एकता को राजनीतिक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक समरसता के संदेश के रूप में पेश किया। स्थानीय नागरिकों ने भी नए सदस्यों के स्वागत और समुदाय की भागीदारी की सराहना की।