देश का आर्थिक इंजन बना महाराष्ट्र, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में देवेंद्र फडणवीस ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड

Maharashtra Economic Survey 2025-26: महाराष्ट्र आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य की विकास दर 7.9% और प्रति व्यक्ति आय 3,47,903 हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र में 5.7% की वृद्धि।
Devendra Fadnavis Maharashtra Per Capita Income
Devendra Fadnavis Maharashtra Per Capita Income (डिजाइन फोटो)
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Devendra Fadnavis GSDP Growth 7.9: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करते हुए महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 'अनस्टॉपेबल' (अजेय) बताया है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र देश के औद्योगिक और आर्थिक पावरहाउस के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) की अनुमानित विकास दर 7.9% रहने की उम्मीद है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक बुनियादी संरचना को दर्शाती है। फडणवीस ने विश्वास जताया है कि महाराष्ट्र जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।

आर्थिक सर्वेक्षण के सबसे उत्साहजनक आंकड़े प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) और औद्योगिक क्षेत्र से निकलकर आए हैं। महाराष्ट्र ने न केवल अपनी जीडीपी में सुधार किया है, बल्कि आम नागरिक की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी लंबी छलांग लगाई है। पिछले एक साल में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 30,000 की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य में बढ़ते रोजगार और व्यापारिक अवसरों का प्रमाण है। देवेंद्र फडणवीस ने इन आंकड़ों को "आर्थिक उत्कृष्टता की ओर मार्च" करार दिया है।

दरडोई आय में 30,000 की ऐतिहासिक छलांग

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में महाराष्ट्र की अनुमानित प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 3,47,903 हो गई है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इसमें 30,000 की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि राज्य सरकार की जन-केंद्रित नीतियों और बुनियादी ढांचे में निवेश का सीधा लाभ आम आदमी तक पहुँच रहा है। बढ़ती क्रय शक्ति के कारण राज्य के भीतर उपभोग और मांग में भी इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय व्यापारों को नई गति मिल रही है।

औद्योगिक पावरहाउस के रूप में 5.7% की विकास दर

महाराष्ट्र ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह भारत का 'इंडस्ट्रियल इंजन' है। वित्त वर्ष 2025-26 में औद्योगिक क्षेत्र की विकास दर 5.7% रहने का अनुमान है। फडणवीस ने कहा कि 'मेक इन महाराष्ट्र' और नए औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के विकास ने राज्य को विदेशी निवेश (FDI) के लिए पहली पसंद बनाए रखा है। ऑटोमोबाइल, आईटी, और विनिर्माण क्षेत्रों में हुए जबरदस्त विस्तार ने न केवल विकास दर को बढ़ाया है, बल्कि लाखों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा किए हैं।

समृद्धि की ओर बढ़ता महाराष्ट्र: भविष्य का रोडमैप

आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि, सेवा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। सरकार का ध्यान अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने पर है, ताकि विकास का लाभ केवल मुंबई-पुणे तक सीमित न रहे। फडणवीस ने संकेत दिया कि आगामी बजट में तकनीकी नवाचार, एआई आधारित कृषि और हरित ऊर्जा पर विशेष जोर दिया जाएगा। 7.9% की कुल विकास दर के साथ महाराष्ट्र अब राष्ट्रीय औसत से आगे निकलने की राह पर है, जो इसे भारत की विकास गाथा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय बनाता है।

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