

Solapur Political News: AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि “15 मिनट” वाला बयान अब इतिहास बन चुका है, लेकिन आने वाली 15 तारीख को फिर से इतिहास रचने का मौका है। नगर निगम चुनावों में AIMIM के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताकर सोलापुर की राजनीति में एक नया अध्याय लिखिए।”ओवैसी यह अपील सोलापुर के पंगल प्रशाला मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कर रहे थे।
इस दौरान ओवैसी ने राज्य की ग्रैंड अलायंस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सोलापुर शहर राज्य को हर साल करीब 700 करोड़ रुपये का राजस्व देता है। गोल्डन एनिवर्सरी अर्बन रीडेवलपमेंट योजना के लिए 433 करोड़ रुपये और अमृत योजना के लिए 185 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली, फिर भी शहर में विकास कार्य क्यों नहीं दिख रहे? जनता को शासकों से पूछना चाहिए कि यह पैसा आखिर गया कहां। अगर ईमानदारी से काम हुआ होता, तो आज सोलापुर पुणे से भी बेहतर शहर होता। लेकिन मौजूदा शासकों में ऐसी कोई इच्छाशक्ति नजर नहीं आती।”
ओवैसी ने अजित पवार की एनसीपी पर मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए जानबूझकर मैदान में उतरने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “BJP के सत्ता में आने के बाद से मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। सरकार केवल यह कहकर समय काट रही है कि ‘कानून अपना काम कर रहा है’। अब कूटनीतिक बातें छोड़कर सीधे सच बोलने का वक्त आ गया है।” उन्होंने कहा कि सोलापुर से विधानसभा में एक AIMIM विधायक और महाराष्ट्र से लोकसभा में एक AIMIM सांसद भेजना उनका सपना है।
जनसभा के दौरान ओवैसी ने AIMIM नेता फारूक शबदी के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया, “मैंने अभी तक फारूक शबदी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। आपकी भावनाओं को मैं समझता हूं। उनके पिता से चर्चा किए बिना मैं कोई अंतिम फैसला नहीं लूंगा।” इससे उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया।
ओवैसी ने कहा कि AIMIM अब तक सोलापुर में तीन विधानसभा चुनावों में जीत से चूक चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि 2029 के विधानसभा चुनावों में सोलापुर से AIMIM का विधायक बनाने के लिए अभी से कड़ी मेहनत शुरू करें।