'पैसा लो और शौचालय निर्माण पर खर्च कर दो', लातूर की चुनावी सभा में ओवैसी का विवादित बयान

AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने लातूर चुनाव रैली में नकद वितरण, मोदी सरकार की विदेश नीति और वक्फ अधिनियम पर निशाना साधा, मुसलमानों से राजनीतिक सक्रियता की अपील की।
Asaduddin Owaisi on himanta vishwa sarma
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Asaduddin Owaisi Latur Speech: लातूर नगर निगम चुनाव के दौरान एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर राजनीतिक दल चुनावी पैसे वितरित कर रहे हैं और वह अनैतिक लगते हैं, तो उन्हें स्वीकार कर शौचालय निर्माण पर खर्च करें। उन्होंने भाजपा और मोदी सरकार की नीतियों पर भी तीखी आलोचना की।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लातूर में आयोजित चुनावी रैली में कहा कि विपक्षी दलों द्वारा मतदाताओं को बांटे जा रहे पैसे को अगर वे अनैतिक और अवैध समझते हैं, तो उसका उपयोग शौचालय निर्माण पर किया जा सकता है। ओवैसी ने कहा, “अगर हमने उम्मीदवार नहीं उतारे होते, तो पैसा नहीं बांटा जाता। पैसा ले लीजिए और अगर यह अनैतिक है तो इसे शौचालय बनाने में खर्च कीजिए।”

मुस्लिम और दलित समुदाय के लिए आह्वान

ओवैसी ने मुसलमानों से राजनीतिक नेतृत्व मजबूत करने का आग्रह किया और कहा कि अल्पसंख्यकों के अलावा हर समुदाय के पास राजनीतिक शक्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित और मुसलमान गरीब आबादी के बड़े हिस्से हैं, लेकिन विकास उनके क्षेत्रों तक नहीं पहुंचा।

मोदी सरकार और भाजपा पर हमला

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद की बात करती है, लेकिन किसान मर रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं और सरकार केवल ‘लव जिहाद’ पर ध्यान देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबंधों पर भी सवाल उठाए और महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना के लाभार्थियों की संख्या में कमी पर चिंता जताई।

वक्फ अधिनियम और राजनीतिक आलोचना

असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम का दुरुपयोग मस्जिदों को बंद करने और पुरानी दरगाहों के स्वामित्व पर सवाल उठाने के लिए किया जाने का आरोप लगाया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर भी निशाना साधा और पूछा कि जो व्यक्ति अपने राजनीतिक गुरु शरद पवार के प्रति वफादार नहीं रहा, वह जनता के प्रति कैसे वफादार हो सकता है।

मुंबई ट्रेन बम धमाकों पर सवाल

हैदराबाद सांसद ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम धमाकों के एक दोषी की जेल में हुई मौत को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 185 लोगों की जान जाने वाले इस मामले में 11 मुसलमान गिरफ्तार हुए, जिनमें से एक की जेल में मौत हुई, लेकिन मौत के हालात स्पष्ट नहीं किए गए।

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