छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा ढहने के मामले से गरमाई राजनीति, सीएम शिंदे ने सरकार और नेवी के अधिकारियों के साथ की बैठक

सिंधुदुर्ग की मालवण तहसील में राजकोट किले में 17वीं सदी के मराठा साम्राज्य के संस्थापक की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को दोपहर करीब एक बजे गिर गई थी। पिछले साल चार दिसंबर को इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था।
शिवाजी की प्रतिमा गिरने के मामले में मुख्यमंत्री शिंदे ने सरकार, नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की
Published on
Updated on

मुंबई: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में दो दिन पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा गिरने के बाद से राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर राज्य सरकार की जमकर आलोचना कर रहे है। वहीं, बीते दिन राजकोट किले पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पार्टी कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नारायण राणे के समर्थकों के बीच झड़प हुई। जिसके बाद सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार देर रात राज्य सरकार और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की।

मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार देर रात राज्य सरकार और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और दो दिन पहले सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के मामले पर विस्तृत चर्चा की। मुंबई से लगभग 480 किलोमीटर दूर इस तटीय जिले के मालवन तहसील के राजकोट किले में लगी प्रतिमा 35 फुट ऊंची थी, जो सोमवार को गिर गयी थी।

एमवीए ने की महाराष्ट्र सरकार की तीखी आलोचना

इस घटना को लेकर विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) ने महाराष्ट्र सरकार की तीखी आलोचना की है। एमवीए नेताओं ने एकनाथ शिंदे नीत सरकार पर आरोप लगाया कि महायुति शासन के दौरान भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। ठाकरे ने शरद पवार और नाना पटोले के साथ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि तेज हवाओं के कारण प्रतिमा गिरने का सरकार का दावा ‘‘बेशर्मी की पराकाष्ठा'' है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए महा विकास आघाडी (एमवीए) एक सितंबर को दक्षिण मुंबई में हुतात्मा चौक से ‘गेटवे ऑफ इंडिया' तक एक मार्च निकालेगा।

अजित पवार ने मांगी माफी

इससे पहले दिन में, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस घटना के लिए राज्य के लोगों से माफी मांगी और दोषियों को दंडित करने की प्रतिबद्धता जताई। अजित पवार ने लातूर जिले में जन सम्मान यात्रा के दौरान एक जनसभा में कहा, "चाहे अधिकारी हों या ठेकेदार, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" पवार ने कहा, "शिवाजी महाराज हमारे देव हैं। मैं उनकी प्रतिमा गिरने के लिए महाराष्ट्र के 13 करोड़ लोगों से माफी मांगता हूं।" उन्होंने कहा कि (अनावरण के) एक साल के भीतर मराठा शासक शिवाजी महाराज की प्रतिमा का गिरना चौंकाने वाला है।

शिवसेना और भाजपा सांसद के बीच झड़प

आपको बता दें कि महाविकास अघाड़ी का प्रतिनिधिमंडल राजकोट किले का दौरा करने गया था। इस दौरान बीजेपी के नेता नारायण राणे और नितेश राणे भी वहां पर आए। वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पार्टी कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नारायण राणे के समर्थकों के बीच बुधवार को उस समय झड़प हुई थी।

35 फुट ऊंची प्रतिमा गिरी

जानकारी के लिए बता दें कि सिंधुदुर्ग की मालवण तहसील में राजकोट किले में 17वीं सदी के मराठा साम्राज्य के संस्थापक की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को दोपहर करीब एक बजे गिर गई थी। पिछले साल चार दिसंबर को इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com