
एकनाथ शिंदे व संजय राउत (डिजाइन फोटो)
BMC Elections: मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर की कुर्सी को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। मुंबई में कथित ‘होटल पॉलिटिक्स’ की चर्चा जोरों पर है। इस बीच शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने ताज लैंड्स एंड होटल जाने की बात कहकर शिंदे गुट पर निशाना साधा है, जिससे राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
सांसद संजय राउत का यह बयान इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि इसी होटल में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट के जीते हुए पार्षदों को ठहराया गया है। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि वे वहां सिर्फ खाना खाने जा रहे हैं, इस पर किसी को बेवजह शक नहीं करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर महायुति के पास बहुमत है, तो उन्हें अपने नगरसेवकों को इस तरह कैद करके रखने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
सांसद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिंदे किस पद के लिए अड़े हैं, यह उनका और उनकी पार्टी का मामला है। राउत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि शिंदे का दल बीजेपी का ‘अंगवस्त्र’ है और अमित शाह उनके प्रमुख हैं। वे शाह के पास जाकर मांग करेंगे, लेकिन देवेंद्र फडणवीस उनकी बात नहीं सुनेंगे। राउत ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इन्होंने विधायकों को तोड़ा और सूरत ले गए थे, अब उसी तर्ज पर नगरसेवकों को भी ‘कोंडकर’ (कैद) रखना पड़ रहा है।
राउत ने इसे एक बड़ी ‘हास्यजत्रा’ करार दिया। उनका कहना है कि एकनाथ शिंदे खुद राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं, फिर भी उन्हें यह डर सता रहा है कि उनके नगरसेवक भगा लिए जाएंगे। राउत ने दावा किया कि जीते हुए नगरसेवकों में कई नए चेहरे हैं जो शिवसैनिक हैं और वे नहीं चाहते कि मुंबई में बीजेपी का महापौर बने। उन्होंने कहा कि आज संचार के कई साधन उपलब्ध हैं, पार्षदों को चाहे कितना भी बंद कर लिया जाए, संदेश कहीं भी पहुंच सकता है। अगर भगवान की इच्छा हुई तो शिवसेना का ही महापौर बनेगा।
संजय राउत ने संकेत दिया कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है और उनकी नजर हर स्थिति पर बनी हुई है। उन्होंने खुलासा किया कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को फोन किया है। राउत ने कहा कि ऐतिहासिक सच्चाई यही है कि बहुमत चाहे जितना भी हो, वह चंचल होता है और इधर-उधर जा सकता है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या देवेंद्र फडणवीस को यह मंजूर होगा कि अमित शाह की पार्टी का महापौर बने? राउत ने जोर देकर कहा कि बालासाहेब की जन्मशताब्दी पर शिवसेना का महापौर होना चाहिए, न कि डुप्लीकेट शिवसेना का। शिंदे ने मुंबई बीजेपी को सौंप दी है और 29 नगरसेवकों को कैद करना मराठी अस्मिता का अपमान है।
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राउत ने मुख्यमंत्री के दावोस दौरे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे वहां जाते हैं लेकिन निवेश आता नहीं है, निवेश सिर्फ चुनावों के वक्त दिखता है। वहीं, कांग्रेस के मुद्दे पर उन्होंने साफ किया कि मतविभाजन से बीजेपी को फायदा जरूर हुआ, लेकिन कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और आगे वह बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
दूसरी तरफ संजय राउत के ताज लैंड्स एंड होटल में खाना खाने वाला बयान आने और होटल में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षदों के ठहरने की बात सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने होटल की सिक्योरिटी टाइट कर दी है।






