LPG बुकिंग को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब कितने दिन बाद मिलेगा सिलेंडर? चेक करें नए नियम

LPG Cylinder: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रबंध किये गए हैं। पिछले कुछ दिनों में उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा है।
Bhiwandi LPG Cylinder Booking Issue
घरेलू एलपीजी सिलेंडर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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LPG Cylinder Delivery New Rules: एलपीजी सिलेंडर के संकट की आशंका से देशभर में घबराहट का माहौल है। लोग लंबी-लंबी कतारें लगाकर सिलेंडर ले रहे हैं। अब सरकार की ओर से सिलेंडर डिलीवरी को लेकर एक अहम बयान जारी किया गया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग में घबराहट न दिखाने की सलाह देते हुए कहा है कि बुकिंग के ढाई दिन में सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। मतलब ये हुआ कि जिस दिन आप बुकिंग करेंगे उसके ढाई दिन में सिलेंडर डिलीवर कर दिया जाएगा। यही स्थिति पहले भी थी।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि घरेलू एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रबंध किये गए हैं जिससे पिछले कुछ दिनों में उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा है।

LPG सिलेंडर डिलिवरी पर सख्ती

सुजाता शर्मा ने बताया कि रसोई गैस का किसी दूसरे कार्य में इस्तेमाल रोकने के लिए मंत्रालय सिलेंडर डिलिवरी प्रमाणन कोड को सख्ती से लागू कर रहा है। वर्तमान में 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को डिलिवरी प्रमाणन कोड प्रणाली के तहत लाने का प्रयास है। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार द्वारा किये गये उपायों पर मंत्रालय संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एलपीजी के मामले में 60 प्रतिशत आयात पर निर्भर है और आयातित एलपीजी का 90 प्रतिशत हिस्सा ईरान के पास हर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है जो युद्ध से प्रभावित है। इसके मद्देनजर जारी विशेष आदेश में सरकारी रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन यथासंभव बढ़ाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये की हाल की वृद्धि के बाद 913 रुपये है। उज्ज्वला उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर 613 रुपये देने पड़ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार के हस्तक्षेप से देश में कीमतों को नीचे रखा जा रहा है।

देश में हर रोज कितनी गैस की खपत

सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत में हर रोज गैस की खपत 18.9 करोड़ मानक घन मीटर के बराबर है। इसमें से 9.7 करोड़ घन मीटर का आयात किया जाता है। इस समय खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के कारण 4.7 करोड़ घन मीटर गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके लिए वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि तरल एलएनजी के दो टैंकर इस समय रास्ते में हैं।

जरूरी क्षेत्रों में आपूर्ति का आदेश

सरकार ने उपलब्ध गैस को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पहुंचाने के लिए नियंत्रण आदेश जारी किया है। इसके तहत घरेलू, परिवहन, अस्पताल और शैक्षणिक क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखा गया है। उर्वरक क्षेत्र को 70 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है जबकि तेल शोधन संयंत्रों को उपभोग में 35 प्रतिशत तक कटौती करने के लिए कहा गया है।

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