Pune की 400–500 सोसायटी कचरा संयंत्र बंद, PMC ने सर्वे और जांच का आदेश दिया

Pune में 400–500 सोसायटियों और प्रतिष्ठानों के गीले कचरा संयंत्र बंद मिले हैं। पुणे मनपा ने सभी संयंत्रों का सर्वे कर एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
Waste Management
कचरा प्रबंधन (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: शहर की बड़ी सोसायटियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में गीले कचरे पर प्रक्रिया करने वाले लगभग 400 से 500 छोटे संयंत्रों के बंद होने की जानकारी सामने आई है। इस जानकारी के सामने आने के बाद महानगरपालिका का ठोस कचरा विभाग सक्रिय हो गया है।

जिन सोसायटियों से प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक का कचरा निकलता है उनके लिए महानगरपालिका ने अपने कचरे का निपटान वहीं करना अनिवार्य कर रखा है।

इसलिए बंद हो चुके और जिन सोसायटियों से प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक का कचरा निकलता है उनका निरीक्षण कर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने दिया है।

गीले कचरे के प्रबंधन पर अधिक ध्यान

कौर ने हाल ही में ठोस कचरा विभाग के अधिकारियों और प्रभाग कार्यालयों के स्वास्थ्य निरीक्षकों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की थी। इस बैठक में गोले कचरे के प्रबंधन पर अधिक ध्यान देने का निर्देश दिया गया।

वर्ष 2000 के निर्माण नियमों के अनुसार जिन स्थानों पर प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक गीला कचरा निकलता है। वैसे स्थानों के लिए नियम है कि वहां गीले कचरे का निपटारा उसी स्थान पर किया जाए।

इसके लिए काफी समय पहले ही बड़ी सोसायटियों से अपना संयंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। वर्तमान में शहर में लगभग दो हजार ऐसे प्रतिष्ठान हैं जिनसे प्रतिदिन औसतन 20 टन से अधिक कचरे के निपटान की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यह हो नहीं रहा है। और इसी वजह से गीले कचरे की समस्या गंभीर बनती जा रही है।

संयंत्रों के बंद होने की वजह ढूंढ़ी जाएगी

कौर ने बैठक में बताया कि शहर में गीले कबरे पर प्रक्रिया करने वाले लगभग 400 से 500 छोटे संयंत्रों के बंद होने की जानकारी सामने आई है। सोसायटियों में बंद पड़े इन संयंत्रों का सर्वेक्षण कर उनके बंद होने के कारणों का पता लगाया जाए।

साथ ही शेष संयंत्री का भी सर्वेक्षण कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। कौर ने यह भी बताया कि शहर में निजी प्रतिष्ठानों में कचरा प्रबंधन परियोजनाएं लागू करने के लिए 17 संस्थाएं काम करती है, जिनके प्रतिनिधियों से निजी प्रतिष्ठानों को कचरा प्रबंधन में उचित मार्गदर्शन मिलेगा।

संयंत्र स्थापित करने पर मिलती है टैक्स में छूट

  • मनपा के पास प्रारंभिक जानकारी है कि शहर में गीले कचरे पर प्रक्रिया करने वाले लगभग दो हजार संयंत्र है और इन सभी का सर्वेक्षण किया जाएगा, जानकारी मिली है कि शहर की बड़ी सोसायटियों को गीले कचरे घर प्रक्रिया करने वाले संयंत्र स्थापित करने के कारण संपत्ति कर में छूट दी जाती है लेकिन वास्तव में प्रक्रिया नहीं की जा रही है।
  • इसके अलावा पिछले हफ्ते यह खुलासा हुआ या कि गीले कबरे के नाम पर मिश्रित कचरा किसानों को दिया जा रहा था।
  • मनपा प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए है। अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने कहा कि शहर की बड़ी सोसायटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानी जहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न होता है के लिए अपने कचरे का निपटान स्वयं करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कितने संयंत्र वास्तव में बंद हैं, यह रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
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