Session Court के सख्त रुख के बाद झुका प्रशासन, टेमघर परियोजना किसानों को मिलेगा बढ़ा मुआवजा

Temghar Dam Land: टेमघर बांध परियोजना से प्रभावित किसानों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से लंबित बढ़े मुआवजे के 26.14 करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं, जो जल्द ही किसानों के खातों में पहुंचेंगे।
Temghar Dam
टेमघर डैम (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: टेमघर बांध परियोजना से प्रभावित किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कई वर्षों से लंबित पड़े भूमि अधिग्रहण के बढ़े हुए मुआवजे के भुगतान का मार्ग अब पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।

जिला सत्र न्यायालय के कड़े रुख के बाद, जल संसाधन विभाग ने 39 विभिन्न मामलों से जुड़े किसानों के लिए 26 करोड़ 14 लाख रुपये की निधि कृष्णा घाटी विकास महामंडल के पास जमा कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह राशि जल्द ही न्यायालय में स्थानांतरित की जाएगी, जिसके बाद सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी।

मुआवजे की यह कानूनी लड़ाई काफी लंबी रही है। जिला सत्र न्यायालय ने करीब ढाई साल पहले ही परियोजना प्रभावितों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद, प्रशासनिक देरी और फंड की कमी के कारण किसानों को उनके हक का पैसा नहीं मिल पा रहा था। न्याय में हो रहे इस विलंब को देखते हुए, न्यायालय ने कड़ा कदम उठाते हुए भू-अधिग्रहण कार्यालय की संपत्तियां और कुर्सियां तक जब्त करने के आदेश दो बार जारी किए थे, जिससे प्रशासन पर भारी दबाव बन गया था।

किसानों की हुई जीत

सरकार की ओर से जारी की गई कुल 26,14,94,880 रुपये की राशि अब प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। पिछले साल अगस्त में भी न्यायालय ने संपत्ति कुर्की के आदेश दिए थे, तब प्रशासन ने अक्टूबर तक भुगतान करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन वह समय सीमा भी बीत गई थी। अब निधि के आधिकारिक रूप से महामंडल के पास जमा होने से किसानों में विश्वास जगा है कि दशकों पुराना यह संघर्ष अब सुखद अंत की ओर है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कागजी कार्रवाई को गति दी जा रही है ताकि किसानों के खातों में पैसा हस्तांतरित हो सके।

अधिकारियों की आपात बैठक

इस मामले में निर्णायक मोड़ पिछले सप्ताह आया, जब किसान और कोर्ट के प्रतिनिधि जब्ती की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन के कार्यालय पहुंच गए। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए डीएम जितेंद्र डूडी और भू-अधिग्रहण समन्वयक डॉ। कल्याण पांढरे ने कृष्णा घाटी विकास महामंडल के कार्यकारी संचालक डॉ हेमंत घूमल के साथ आपातकालीन चर्चा की। इसके बाद, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने हस्तक्षेप करते हुए अगले आठ दिनों के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया, जिससे विवाद सुलझने की दिशा में आगे बढ़ा।

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