लोकसभा में भिड़े राहुल गांधी और ओम बिरला...स्पीकर ने सदन में बहस का पढ़ाया पाठ

Parliament Budget Session : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं।
Rahul Gandhi and Om Birla clashed in the Lok Sabha...Speaker taught the lesson of debate in the House
राहुल गांधी और ओम बिरला।
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Parliament Budget Session 2026 : संसद के बजट सत्र के दौरान उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र छेड़ दिया। राहुल गांधी डोकलाम में चीनी टैंकों की मौजूदगी और भारत-चीन संबंधों पर अपनी बात रख रहे थे, जिसका सत्ता पक्ष ने पुरजोर विरोध किया।

सदन में घमासान तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के हवाले से चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरना चाहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत इस पर आपत्ति जताई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के नियम 349 का हवाला देते हुए राहुल गांधी को रोका। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में किसी ऐसी सामग्री या अप्रकाशित किताब का उल्लेख नहीं किया जा सकता, जिसकी सत्यता की पुष्टि न हो।

तीखी नोकझोंक

इस दौरान राहुल गांधी और स्पीकर के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। राहुल गांधी ने कहा कि तो फिर आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर चर्चा हो रही। आप ऐसी पुस्तक का जिक्र कर रहे हैं जो अभी तक छपी ही नहीं है।

चीन का मुद्दा और विपक्ष की एकजुटता

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रपति के अभिभाषण का विदेश नीति से कोई संबंध नहीं है? जब उन्होंने एक मैगजीन के लेख के जरिए दोबारा वही मुद्दा उठाना चाहा तो ट्रेजरी बेंच (सत्ता पक्ष) ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। इस मोड़ पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में उतर आए। उन्होंने इसे राष्ट्रहित और संवेदनशीलता से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि डॉक्टर लोहिया से लेकर नेताजी (मुलायम सिंह यादव) तक हमेशा कहते रहे कि हमें चीन से सावधान रहना चाहिए। विपक्ष का नेता देशहित में कोई सुझाव दे रहा तो उन्हें बोलने देना चाहिए।

सदन की कार्यवाही हुई स्थगित

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन की मर्यादा का सवाल उठाते हुए कहा कि जब आसन (स्पीकर) ने एक बार व्यवस्था दे दी है तो बार-बार उसी बात को दोहराना सदन चलाने का सही तरीका नहीं है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते गतिरोध और लगातार शोर-शराबे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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