ससून-मनपा आमने-सामने, बाल मरीजों की बढ़ती संख्या पर शुरू हुआ ‘NICU विवाद’

Pune News: बालरोग विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या से ससून अस्पताल पर भार बढ़ गया है। कमला नेहरू हॉस्पिटल में NICU सुविधा डॉक्टरों की कमी के कारण ठप हो गया है।
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ससून अस्पताल (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: ससून के बालरोग विभाग के अतिदक्षता (एनआईसीयू) विभाग में बाल मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण मनपा और ससून अस्पताल के बीच विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर राकांपा (शरद पवार पार्टी) ने महापालिका से बाल मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त डॉक्टर और कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग की है।

कमला नेहरू में डॉक्टर और सुविधा के बाल रोग विभाग का आईसीयू में बढ़ाने की सिफारिश

ससून अस्पताल मरीजों की संख्या काफी अधिक रहती है। वहीं मनपा के कमला नेहरू अस्पताल में बाल मरीजों के लिए आवश्यक NICU सुविधा फिलहाल बंद है, इसलिए कमला नेहरू अस्पताल के बाल मरीजों को ससून अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए जाते हैं। ससून प्रशासन ने इस पर चिंता जताई है और कमला नेहरू अस्पताल में सुविधाओं और डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके जवाब में महापालिका के स्वास्थ्य विभाग ने ससून अस्पताल को पत्र भेजकर कहा कि कमला नेहरू हॉस्पिटल में बाल मरीजों के उपचार के लिए NICU सुविधा उपलब्ध है, लेकिन बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण यह सुविधा पूरी तरह से लागू नहीं हो पा रही है।

आईसीयू व्यवस्था में सुधार की जरुरत

इसलिए कदम ने मांग की है कि महापालिका के स्वास्थ्य विभाग का ऑडिट कराया जाए, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक डॉक्टर और तकनीशियन तुरंत नियुक्त किए जाएं ताकि बाल मरीजों की सेवा तत्काल प्रभाव से शुरू की जा सके। कदम ने जोर देकर कहा कि बाल मरीज सेवा में किसी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि महापालिका के अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन और उपकरण मौजूद हैं, लेकिन उनका पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा। आईसीयू विभाग की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

डॉक्टर नहीं मिलना हास्यास्पद

इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता नितिन कदम ने मनपा आयुक्त का ध्यान आकर्षित करते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। कदम ने आरोप लगाया है कि मेघालया, गढ़चिरोली, चंद्रपुर जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी डॉक्टर सेवा देने आगे आते हैं। ऐसे में पुणे जैसे विकसित महानगर में डॉक्टर नहीं मिलने का दावा हास्यास्पद और भ्रमित करने वाला है। कदम ने यह भी कहा कि मनपा के क्लीनिकों और अस्पतालों में उपकरण और कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद पूरी क्षमता से सेवा प्रदान नहीं की जा रही है।

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