Pune News: पुरंदर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर संकट! जमीन घोटाले के खुलासे से प्रोजेक्ट पर लगा ब्रेक

Purandar International Airport Project एक बार फिर विवादों में घिर गया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसानों की जमीन खरीदने के मामलों के उजागर होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
Purandar International Airport Project
पुरंदर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: पुरंदर तहसील में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में हाल ही में नए खुलासे होने से यह प्रोजेक्ट जो तेज गति से आगे बढ़ रहा था, अचानक से विवादों में आ गया है।

पुरंदर एयरपोर्ट कहां बनेगा, इसकी चर्चा चल रही थी। इसलिए पिछले 5 से 7 वर्षों में कुछ लोगों ने किसानों से कम कीमत में या नकली दस्तावेज बनाकर जमीन की खरीद-फरोख्त की थी। इसका फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन खरीद का खुलासा होने के बाद केस दर्ज किया गया है। अभी तक 3 मामले सामने आए हैं।

इस मामले को जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने गंभीरता से लेते हुए सभी लेन-देन की विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया है। उनके इस आदेश के बाद प्रस्तावित एयरपोर्ट के आगे की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है और अब तक जो प्रोजेक्ट तेज गति से आगे बढ़ता नजर आ रहा था, अचानक से वह कई सवालों के भंवर में फंस गया है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट का भविष्य क्या होगा यह आने वाले दिनों में तमाम जमीन खरीद मामले की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

जिलाधिकारी ने दी चेतावनी

एयरपोर्ट के लिए जमीन देने के लिए सहमति पत्र देने के बाद किसानों को पता चला है कि उनकी जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम पर दर्ज हैं। जबकि उक्त किसान ने वह जमीन बेची ही नहीं थी। जांच में पता चला कि किसानों की जमीन की बिक्री के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार करके सात बारा पर नाम लगाया गया है। फिलहाल तीन मामले उजागर हुए हैं। जबकि कई और मामले के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। इनमें रैकेट की संलिप्तता और इसमें राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की भागीदारी की भी संभावना जताई जा रही है। जिलाधिकारी डूडी ने साफ कर दिया है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

सहमति और जमीन की उपलब्धता

अगस्त और सितंबर में प्रशासन ने सासवड में विशेष सहमति है केंद्र स्थापित कर 3,220 राः किसानों से सहमति पत्र एकत्र या किए थे। इस प्रक्रिया से सात गांवों में 2,810 एकड़ जमीन के लिए 1 सहमति प्राप्त हुई। इसके अलावा सरकार ने 200 एकड़ अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराई है।

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