

पुणे: महाराष्ट्र में आचार संहिता लगने के बाद सड़कों पर पुलिस का पहरा है। पुलिस प्रशासन इस दौरान वाहनों की चेकिंग की जा रही है। इसी बीच पुणे से एक एसयूवी से बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की गई है। सोमवार को पुणे शहर के बाहरी इलाके में एक कार से पुलिस ने पांच करोड़ रुपए जब्त किए थे। एक दिन बाद मंगलवार को आयकर विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। विपक्ष इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है।
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल रुपए बांट रहे हैं। विपक्ष के नेताओं ने दावा किया कि पुलिस को और रकम मिली थी, लेकिन उसे जब्त नहीं किया गया। शिवसेना (यूबीटी) के नेता व सांसद संजय राउत ने दावा किया कि यह एक उदाहरण है कि कैसे सत्तारूढ़ पार्टी चुनावी राज्य महाराष्ट्र में पैसे बांट रही है।
बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के बीच 21 अक्टूबर की शाम पुणे ग्रामीण पुलिस ने वाहनों की चेकिंग के दौरान मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर खेड-शिवपुर टोल प्लाजा के पास एक कार से पांच करोड़ रुपए की नकदी जब्त की।
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक पंकज देशमुख ने बताया कि ‘‘नाकाबंदी के दौरान सफेद इनोवा को रोका गया। वाहन की जांच करने पर नकदी मिली। इसमें 500-500 के नोट में कुल पांच करोड़ रुपए थे जो कोल्हापुर ले जाए जा रहे थे।''
एसपी देशमुख ने बताया कि आयकर विभाग ने इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वाहन में यात्रा कर रहे चार लोगों में से एक ने दावा किया कि वह पेशे से ठेकेदार है और नकदी उसकी है। विपक्षी नेताओं के इस आरोप कि पुलिस द्वारा जब्त नकदी से अधिक राशि पकड़ी गई थी को लेकर देशमुख ने कहा कि वह ऐसे बयानों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि वाहन से जब्त नकदी शिंदे गुट के विधायक शाहजीबापू पाटिल से संबंधित है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने पांच करोड़ रुपए ही जब्त किए। वहीं 10 करोड़ रुपए ले जा रहे दूसरे वाहन को पुलिस ने छोड़ दिया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि छह कारों में 30-35 करोड़ रुपए मुंबई से सोलापुर की सांगोला ले जाया जा रहा था। जिसमें से केवल पांच करोड़ रुपए ही जब्त किए गए। राेहित पवार ने यह भी दावा किया कि ‘‘हम खुलकर कह रहे हैं कि इस सरकार ने हर विभाग में भ्रष्टाचार किया और उन्होंने 50,000 से 60,000 करोड़ रुपए तक का भ्रष्टाचार किया है और अगर वे सत्ता में आने के लिए उसमें से 5 हजार करोड़ रुपए खर्च कर भी देते हैं तो इस सरकार के लिए ये कुछ भी नहीं।''
शिवसेना विधायक शाहजीबापू पाटिल ने राउत के दावे का खंडन किया और कहा कि इस कार से उनका कोई संबंध नहीं है। राउत ने दावा किया सत्तारूढ़ पार्टी के 150 विधायकों को 50 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह जब्ती एक उदाहरण है कि कैसे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार तथा देवेंद्र फडणवीस पैसे बांट रहे हैं।''