
वोटर लिस्ट ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Voter Data Leak News: मतदाता सूची में बार-बार दोहराए गए नाम, एक ही पते पर कई मतदाताओं के नाम जैसी अनियमितताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच, अब प्रशासन के अंदर से अवैध मतदाताओं का वह विवरण और डेटा जो सार्वजनिक रूप से जारी करने के लिए प्रतिबंधित है निजी कंपनियों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके चलते संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को अवैध रुप से मतदाताओं का डेटा बेचने वाली कंपनियां फल-फूल रही हैं।
इस अवैध बिक्री से करोड़ों रुपये का लेन-देन हो रहा है और यह आरोप लगाया जा रहा है कि डेटा की अवैध बिक्री करने वाले संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मालामाल हो रहे हैं।
नियमों का उल्लंघन करके, फोटो सहित डेटा ऐप खुलेआम बाजार में बेचा जा रहा है और इसमें प्रदर्शित तस्वीरों के कारण महिला मतदाताओं को असहजता का सामना करना पड़ रहा है। कलर फोटो को इस ऐप में शामिल किया गया है, जिसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पॉलिटिकल रिसर्च एंड एनालिसिस ब्यूरो नामक संस्था ने राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र राज्य को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि मतदाताओं का अवैध डेटा बेचने वाली सबंधित कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, कलर फोटो सहित मतदाता सूची उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों पर भी तत्काल आपराधिक मामले दर्ज करके कार्रवाई की जाए।
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अनधिकृत मतदाताओं के डेटा की बिक्री का करोड़ों रुपये का कारोबार हो रहा है, जिसमें प्रशासन के कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। यह मतदाताओं के डेटा की बिक्री का एक रैकेट है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पर फोटो रहित मतदाता सूचिया पीडीएफ और इमेज के रूप में प्रकाशित की जाती हैं।






