- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Maharashtra Local Body Election Evm Ballot Petition High Court
VVPAT अनिवार्य या बैलेट? हाई कोर्ट में राज्य चुनाव आयोग का बड़ा खुलासा!
Maharashtra local body elections: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में बैलेट पेपर की मांग पर हाई कोर्ट में सुनवाई। राज्य चुनाव आयोग ने बैलेट को प्रतिगामी कदम बताया।
- Written By: प्रिया जैस

ईवीएम और बैलेट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
High Court: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में VVPAT को अनिवार्य करने या बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर इंडियन नेशनल कांग्रेस के पदाधिकारी प्रफुल्ल गुड्धे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कुछ तकनीकी मुद्दों पर अतिरिक्त हलफनामा दायर करने का निर्देश राज्य चुनाव आयोग को दिया था। इसके अनुसार अब राज्य चुनाव आयोग ने हलफनामा दायर कर बैलेट से चुनाव कराना ‘पुरानी प्रक्रिया को अपनाने’ जैसा होने की चिंता जताई।
बैलेट से चुनाव कराना एक तरह से प्रतिगामी कदम होने की जानकारी भी कोर्ट को दी। आयोग ने हलफनामा में कहा कि ईवीएम प्रणाली मतपत्र प्रणाली की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदौस मिर्जा, अधिवक्ता निहाल सिंह राठौड़, अधिवक्ता पवन डहाट और राज्य चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अक्षय नाईक ने पैरवी की।
ईवीएम के साथ VVPAT लगाना तकनीकी रूप से संभव नहीं
आयोग ने याचिकाकर्ता की इस दलील का भी जवाब दिया कि ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाना चाहिए। आयोग के अनुसार इस स्तर पर ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीनों को तैनात करना बिना किसी वैधानिक आधार के होगा और यह तकनीकी रूप से भी संभव नहीं है। आयोग ने कहा कि इस स्तर पर ईवीएम का उपयोग बंद करने का कोई भी निर्देश जनहित के विपरीत जाएगा, इसलिए याचिका को खारिज कर दिया जाना चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
वीर सावरकर पुण्यतिथि: काला पानी की वो खौफनाक सजा और आत्मार्पण की अनसुनी कहानी, कैसे विनायक बने स्वातंत्र्यवीर?
अंबरनाथ नपा व तहसील के तोड़ू दस्ते की संयुक्त कार्रवाई, शेतकी सोसायटी की जमीन से अतिक्रमण हटाना शुरू
महावितरण की ‘स्मार्ट वसूली’,बिल नहीं भरने वालों में मचा हड़कंप, सवा लाख उपभोक्ताओं पर गिरी गाज
महाराष्ट्र को दोहरा सम्मान, अशोक चव्हाण और श्रीकांत शिंदे को बड़ी जिम्मेदारी, मैत्री समूहों का करेंगे नेतृत्व
आयोग ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने के लिए कोई तौर-तरीके निर्धारित नहीं किए गए थे। आयोग ने प्रस्तुत किया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-K (1) और 243-ZA के तहत आयोग को पंचायतों और नगर पालिकाओं के चुनावों को लेकर पूरे अधिकार प्राप्त हैं।
स्थानीय निकाय कानून में ईवीएम से चुनाव का विकल्प ही नहीं
याचिकाकर्ता की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदौस मिर्जा ने कहा कि नगरपालिका, नगर पंचायत और महानगरपालिका जैसी स्थानीय निकाय के लिए उनके कानून और नियम है। इन कानून और नियमों में कहीं भी चुनाव कराने के लिए ईवीएम के उपयोग का विकल्प नहीं है बल्कि स्पष्ट रूप से केवल बैलेट से ही चुनाव कराने का प्रावधान दिया गया है।
कोर्ट को बताया कि चुनाव की प्रक्रिया में ईवीएम के उपयोग को लेकर चुनाव आयोग की ओर से अपने कानून और नियमों में सुधार तो किया गया। किंतु स्थानीय निकायों में इन सुधारों पर अमल नहीं हुआ है। ऐसे में स्थानीय निकायों के चुनाव केवल बैलेट से ही होने चाहिए।
यह भी पढ़ें – गुजरात के पास गिरवी रखा महाराष्ट्र…कांग्रेस के बयान से मची खलबली, बोले- वोट चोरी मुद्दा नहीं
अधिवक्ता मिर्जा ने कहा कि स्थानीय निकायों के चुनावों में बैलेट से चुनाव कराने की पूरी प्रक्रिया का उल्लेख है, जबकि ईवीएम की प्रक्रिया का कोई उल्लेख तक नहीं है। ऐेसे में स्थानीय निकायों में कानून और नियमों का पालन होना चाहिए।
आयोग को अधिकार नहीं
अधिवक्ता मिर्जा ने कहा कि याचिका में केवल 2 प्रार्थनाएं की गई हैं। पहली प्रार्थना के अनुसार कानून और नियमों के आधार पर केवल बैलेट पेपर से चुनाव कराने का अनुरोध है। दूसरी ओर यदि ईवीएम से ही चुनाव कराना हो तो ईवीएम के साथ वीवीपैट का प्रावधान किया जाना चाहिए।
अधिवक्ता मिर्जा ने कहा कि जब स्थानीय निकायों के चुनाव को लेकर कानून और नियम पहले से निर्धारित हैं तो ऐसे में इन कानून और नियमों से आगे बढ़कर स्वयं की मर्जी से चुनाव कराने का आयोग के पास कोई अधिकार नहीं है। उन्हें केवल इन कानून और नियमों के अनुसार चुनाव पूरा कराने की जिम्मेदारी है।
Maharashtra local body election evm ballot petition high court
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नवभारत विशेष: सचिन को आउट देने की गलती बकनर ने मानी
Feb 26, 2026 | 07:10 AMजेनेवा में ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता: विदेश मंत्री अराघची ऐतिहासिक समझौते के लिए स्विट्जरलैंड रवाना
Feb 26, 2026 | 07:08 AMनवभारत निशानेबाज: BJP का राजाजी के प्रति प्रेम तमिलनाडु चुनाव के लिए गेम
Feb 26, 2026 | 06:54 AMManmohan Desai Amitabh Bond: निर्देशक नहीं, दोस्त थे मनमोहन देसाई, अमिताभ बच्चन संग उनका अटूट रिश्ता बना मिसाल
Feb 26, 2026 | 06:43 AMLIVEआज की ताजा खबर 26 फरवरी: PM मोदी के इजरायल दौरे का आज दूसरा दिन, नेतन्याहू से करेगें द्विपक्षीय वार्ता
Feb 26, 2026 | 06:18 AMवीर सावरकर पुण्यतिथि: काला पानी की वो खौफनाक सजा और आत्मार्पण की अनसुनी कहानी, कैसे विनायक बने स्वातंत्र्यवीर?
Feb 26, 2026 | 06:01 AMVPN लगा लिया तो समझे सुरक्षित? ये 4 गलतियां आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी को कर सकती हैं बर्बाद!
Feb 26, 2026 | 05:54 AMवीडियो गैलरी

मालेगांव सरकारी दफ्तर में नमाज पर भड़के नितेश राणे, मदरसों को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO
Feb 25, 2026 | 06:35 PM
टिकट काटने वाले काट रहे गरीबों की जेब! आनंद बिहार रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू ने किया गजब का कांड, देखें-VIDEO
Feb 25, 2026 | 05:54 PM
दलित दंपति को सरेआम बेइज्जत कर मंदिर से बाहर निकाला
Feb 25, 2026 | 05:46 PM
झुग्गी झोपड़ी-फुटबॉल और क्राइम…क्या है Amitabh Bachchan की Jhund वाले विजय बारसे की असली कहानी?
Feb 24, 2026 | 07:45 AM
रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM













