पुणे महानगरपालिका चुनाव: भाजपा के 15 सीट प्रस्ताव के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

Shiv Sena Protest: पुणे महानगरपालिका चुनाव से पहले भाजपा द्वारा दिए गए 15 सीटों के प्रस्ताव के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता नीलम गोरहे के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
Pune Municipal Pension Delay
पुणे महानगरपालिका चुनाव (सौजन्यः फाइल फोटो)
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Pune Municipal Election: पुणे महानगरपालिका चुनाव के लिए भाजपा द्वारा शिवसेना को दिए गए 15 सीटों के ‘प्रस्ताव’ के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पार्टी की वरिष्ठ नेता नीलम गोरहे के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। पुणे महानगरपालिका के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है। इससे पहले दिन में नीलम गोरहे ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शिवसेना ने गठबंधन में 35 सीटों की मांग की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शुरुआत में 12 सीटों की पेशकश की थी, लेकिन शिवसेना नेताओं द्वारा पार्टी प्रमुख व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्योग मंत्री उदय सामंत से बातचीत के बाद इस प्रस्ताव को संशोधित कर 15 सीटों तक बढ़ाया गया।

हालांकि, यह प्रस्ताव पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं और टिकट के दावेदारों को स्वीकार्य नहीं था। इसके विरोध में वे गोरहे के आवास के बाहर एकत्र हुए और नारेबाजी कर असंतोष जताया। एक शिवसेना कार्यकर्ता ने सवाल उठाया, “पार्टी किस आधार पर टिकटों का बंटवारा करेगी? जब हमारी मांग 35 से 40 सीटों की थी, तो फिर केवल 15 सीटों के प्रस्ताव को क्यों आगे बढ़ाया गया?” वर्ष 2017 में हुए पुणे महानगरपालिका चुनावों में कुल 162 सीटों में से भाजपा ने 97, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 39 और अविभाजित शिवसेना ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

जमीनी कार्यकर्ताओं की राय को नजरअंदाज किया जा रहा

एक अन्य कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि सीट बंटवारे से जुड़े फैसले केवल चार चुनिंदा लोग ले रहे हैं और जमीनी कार्यकर्ताओं की राय को नजरअंदाज किया जा रहा है। उसने दावा किया कि इन चार लोगों में नीलम गोरहे, शहर इकाई अध्यक्ष प्रमोद नाना भांगिरे और पुरंदर विधायक विजय शिवतरे शामिल हैं, जो अपने समर्थकों के लिए टिकट मांग रहे हैं। कार्यकर्ता का कहना था कि शिवसेना को पुणे में कम से कम 50 से 55 सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।

अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे लेंगे

भाजपा के 15 सीटों के ‘प्रस्ताव’ की जानकारीविरोध प्रदर्शन के दौरान शहर के मॉडल कॉलोनी इलाके में स्थित गोरहे के आवास के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था। बाद में पत्रकारों से बातचीत में नीलम गोरहे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल भाजपा के 15 सीटों के ‘प्रस्ताव’ की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, “इसका यह मतलब नहीं है कि शिवसेना ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। गठबंधन और सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे लेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने यह बात कार्यकर्ताओं को समझाई, जिसके बाद वे शांतिपूर्वक वहां से चले गए।” पुणे महानगरपालिका सहित राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि मतगणना अगले दिन की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर को समाप्त होगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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