येवला तालुका सहकारी औद्योगिक वसाहत का संचालक मंडल बर्खास्त, संस्था पर प्रशासक नियुक्त

Yevla Industrial Cooperative: येवला तालुका सहकारी औद्योगिक वसाहत में अनियमितताओं के आरोपों के चलते संचालक मंडल को बर्खास्त कर प्रशासक नियुक्त किया गया; सहायक निबंधक ने जांच के बाद यह सख्त कदम उठाया।
Board Dissolved
Yevla Industrial Cooperative (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik News: कार्यप्रणाली में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोपों के चलते 'येवला तालुका सहकारी औद्योगिक वसाहत' के संचालक मंडल को बर्खास्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही संस्था के दैनिक संचालन के लिए प्रशासक की नियुक्ति कर दी गई है।

सहायक निबंधक (सहकारी संस्थाएं, येवला) ने महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम 1960 की धारा 78 के तहत यह सख्त कदम उठाया। येवला औद्योगिक सहकारी वसाहत में कथित भ्रष्टाचार और धांधली को लेकर विक्रम गायकवाड ने सहकार आयुक्त सहित संबंधित विभागों में लिखित शिकायतें दर्ज कराई थीं। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर संस्था की जांच की गई और जांच अधिकारी जितेंद्र शेळके ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

मुख्य लिपिक सुधीर वाघ को प्रशासक के रूप में नियुक्त

इसके बाद, सहायक निबंधक कार्यालय ने संस्था के पदाधिकारियों और निदेशकों के स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संचालक मंडल को भंग कर दिया। संस्था के सुचारू संचालन के लिए सहायक निबंधक कार्यालय के मुख्य लिपिक सुधीर वाघ को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है।

सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाने की उम्मीद

इस कार्रवाई से क्षेत्र के सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम अन्य सहकारी संस्थाओं के लिए भी एक चेतावनी स्वरूप है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए संस्थाएं स्वयं सतर्क रहें। इसके साथ ही कर्मचारियों और सदस्यों के लिए नियमों के पालन को अनिवार्य बनाना भी प्राथमिकता बन जाएगी।

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