पंचवटी फायरिंग केस: पूर्व पार्षद जगदीश पाटिल की जमानत अटकी, बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई लंबित

Jagdish Patil Bail: पंचवटी फायरिंग मामले में पूर्व पार्षद जगदीश पाटिल की जमानत हाई कोर्ट में अटकी हुई है। उद्धव निमसे की जमानत पर शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है।
Uddhav Nimse Bail
Panchvati Firing Case (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Panchvati Firing Case: पंचवटी फायरिंग मामले में पिछले तीन महीनों से नाशिकरोड मध्यवर्ती जेल में बंद भाजपा के पूर्व पार्षद जगदीश चिंतामण पाटिल की जमानत याचिका पर सुनवाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। सोमवार, 9 फरवरी को बॉम्बे हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई चल रही थी, लेकिन अदालत का समय समाप्त हो जाने के कारण कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। देर शाम तक सुनवाई की अगली तारीख जारी नहीं की गई थी।

पंचवटी क्षेत्र में दो गुटों की पुरानी रंजिश के चलते हुई फायरिंग की साजिश में शामिल होने के संदेह में पाटिल जेल में हैं। नाशिक जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। सूत्रों के अनुसार, नई तारीख घोषित न होने के कारण पाटिल की रिहाई फिलहाल लटक गई है।

धोत्रे और निमसे गुट के बीच संघर्ष

दूसरी ओर, धोत्रे और निमसे गुट के बीच हुए संघर्ष में राहुल संजय धोत्रे की हत्या के मामले में जेल में बंद पूर्व पार्षद उद्धव निमसे भी जमानत के लिए प्रयास कर रहे हैं। निमसे ने 7 नवंबर 2025 को जिला न्यायालय में आवेदन किया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में अपील की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुए मनपा चुनाव में उद्धव निमसे का बेटा पार्षद निर्वाचि हुआ है। राजनीतिक गलियारों में यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है कि निमसे को जमानत कब मिलेगी।

पूर्व पार्षद जगदीश पाटिल की जमानत अटकी

इस मामले ने न केवल न्यायिक प्रक्रिया पर ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि पंचवटी क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चिंताओं को भी उजागर किया है। स्थानीय जनता और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश और उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के कारण क्षेत्र में सामाजिक संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके अलावा, आगामी स्थानीय चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के मद्देनजर इस केस की सुनवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में गंभीर चर्चा जारी है।

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