Pune Municipal Election से पहले कांग्रेस सख्त, समान विचारधारा वाले दलों के साथ जाने का संकेत

Maharashtra Local Body Election: पुणे मनपा चुनाव से पहले कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अजीत पवार गुट और मनसे के साथ नहीं जाएगी। समान विचारधारा वाले दलों के साथ विकल्प खुले रखे गए हैं।
Harshwardhan Sapkal
हर्षवर्धन सपकाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune News In Hindi: पुणे मनपा को लेकर बढ़ते घमासान के बीच महाविकास आघाड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को शामिल नहीं करने को लेकर कांग्रेस का रुख पूरी तरह स्पष्ट और अडिग बना हुआ है।

पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि यदि इन दोनों दलों को महाविकास आघाड़ी में शामिल करने का दबाव बढ़ता है तो कांग्रेस वंचित बहुजन आघाडी और आम आदमी पार्टी जैसे समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर पुणे मनपा चुनाव लड़ने पर विचार कर सकती है।

ऐसे में होने वाले मनपा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकते है और चुनाव पूर्व ही महाविकास आघाडी में दरार पड़ने के भी संकेत मिल रहे है। मनपा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं जोरों पर हैं।

मनसे-राकां (ए) के साथ गठबंधन नहींः सपकाल

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के अनुसार राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ किसी भी प्रकार का गठबंधन नहीं करने की भूमिका को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दोहराया है।

पुणे में अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने के स्पष्ट निर्देश है. शिवसेना (ठाकरे) और अन्य समान विचारधारा वाले दलों के साथ चर्चा होगी और इन्हीं दलों को साथ लेकर पुणे महानगरपालिका का चुनाव लड़ा जाएगा।

- अरविंद शिंदे, शहर अध्यक्ष, कांग्रेस

चुनाव खुद के दम पर लड़ा जाए या महाविकास आघाड़ी के तहत इस पर अंतिम निर्णय लेने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की बैठक शुक्रवार 26 दिसंबर को हुई है। इस बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं की राय सुनी गई। उसी के आधार पर आगे की चुनावी रणनीति तय की जाएगी।

- अंकुश काकडे, पार्टी प्रवक्ता एनसीपी शरद पवार गुट

राष्ट्रवादी कांग्रेस के रुख से बदलेगा समीकरण

कांग्रेस ने पहले यह संकेत दिया था कि यदि मनसे को महाविकास आघाड़ी में शामिल किया जाता है, तो वह अपने राजनीतिक समीकरणों पर पुनर्विचार कर सकती है। लेकिन अब कांग्रेस द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस का 'घड़ी' चुनाव चिह्न और मनसे का 'इंजन' चुनाव चिन्ह स्वीकार नहीं करने का रुख साफ हो जाने से राजनीतिक तस्वीर बदलती नजर आ रही है। इसका सीधा असर सीटों के बंटवारे, उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर पड़ने की संभावना है।

पार्टी को एनसीपी से गठबंधन नहीं करने के निर्देश

कांग्रेस शहर अध्यक्ष अरविंद शिंदे ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शिवसेना, आम आदमी पार्टी, वंचित बहुजन आघाडी अथवा अन्य समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन को लेकर चर्चा संभव है। उन्होंने कहा कि पुणे में अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने के स्पष्ट निर्देश पार्टी को मिले हैं और इन्हीं निर्देशों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इस बीच यह चर्चा भी सामने आई थी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) महाविकास आघाडी के साथ ही चुनाव लड़ेगी। इसी सिलसिले में अजीत पवार द्वारा कांग्रेस नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल से संपर्क किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। लेकिन शिवसेना (ठाकरे) और मनसे के गठबंधन की आधिकारिक घोषणा के बाद कांग्रेस के रुख में और अधिक स्पष्टता आ गई है।

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