Pune: अब नाशिक फाटा चौक पर मिलेगा सुरक्षित रास्ता! पुणे में बन रहा पहला मल्टी-मोडल फुटओवर ब्रिज

Public Transportation को बढ़ावा देने के लिए पुणे में पहला फुट ओवर ब्रिज तैयार होने जा रहा है। इस पुल के निर्माण का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का लाभ देना हैं।
Public Transportation को बढ़ावा देने के लिए पुणे में पहला फुट ओवर ब्रिज तैयार होने जा रहा है। इस पुल के निर्माण का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का लाभ देना हैं।
फुट ओवरब्रिज (सौ. सोशल मीडिया )
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Pimpri News In Hindi: शहर के नागरिकों को बस, मेट्रो, एसटी, रेलवे आदि सार्वजनिक परिवहन के विकल्प आसानी से उपलब्ध कराने के साथ ही स्टेशन और स्टॉप तक और सड़क के पार सुरक्षित रूप से पहुंचने के लिए महामेट्रो द्वारा कासारवाडी के नाशिक फाटा चौक में फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।

सार्वजनिक परिवहन को जोड़ने के कांसेप्ट पर आधारित यह शहर का पहला फुट ओवर ब्रिज होगा, जिससे नागरिक विभिन्न सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का आसानी से लाभ उठा सकेंगे। इसका निर्माण कार्य अगले साल अगस्त तक पूरा करने की डेडलाइन दी गई है।

पुल की आवश्यकता और स्थान का महत्त्व

नाशिक फाटा चौक पर निगडी से दापोडी तक दोहरी BRT (बस रैपिड ट्रांजिट) लेन है। भोसरी, चाकण से पुणे के लिए बस सेवा उपलब्ध है। यहां कासारवाडी रेलवे स्टेशन भी है। यह पुणे-नाशिक राजमार्ग पर स्थित है, इसलिए एसटी स्टॉप से नाशिक तक आवागमन संभव है। मेट्रो का नाशिक फाटा स्टेशन भी इसी चौक में है। जेआरडी टाटा डबल डेकर फ्लाईओवर से कासारवाडी से भोसरी तक जाया जा सकता है और इसी फ्लाईओवर पर नाशिक फाटा से वाकड तक BRT मार्ग भी है। ऐसे में रोजाना हजारों नागरिक इस चौक से गुजरते हैं। इस चौक में पैदल चलने वालों और यात्रियों के लिए सड़क पार करने या स्टेशन और स्टॉप तक आने-जाने के लिए कोई सुरक्षित और अलग मार्ग नहीं है। नतीजतन नागरिकों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सुरक्षित आवाजाही के लिए पहले पिंपरी-चिंचवड मनपा को यह फुटओवर ब्रिज बनाना था, लेकिन महामेट्रो ने पहल करते हुए इसका काम शुरू कर दिया है।

सिग्नल-मुक्त चौक का निर्णय रद्द

निगडी से दापोडी तक ग्रेड सेपरेटर मार्ग बनाते समय मनपा ने 12.50 किलोमीटर की दूरी को सिग्नल-मुक्त करने की घोषणा की थी। मेट्री का काम पूरा होने के बाद नाशिक फाटा चौक को भी सिग्नल-मुक्त करने की बात कही गई थी, लेकिन अब बताया जा रहा है कि उस चौक को सिग्नल-मुक्त करने का निर्णय रद्द कर दिया गया है। मनपा के शहरी गतिशीलता विभाग ने स्पष्ट किया है कि कासारवाड़ी से भोसरी जाने वाली पीएमपी बसों का लाभ यात्रियों को मिलता रहे और वाहनों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए चौक को सिग्नल-मुक्त नहीं किया जाएगा।

निर्माण कार्य और समय-सीमा

फुटओवर ब्रिज के निमर्माग का काम वाईएफसी-बौधीजी जेवी ठेकेदार द्वारा 1 जून 2025 को शुरू किया गया था। इस पर 20 करोड़ 89 लाख रुपए का खर्च अनुमानित है। मनपा ने इस काम की 25 फरवरी को मंजूरी दी थी। अब तक कुल 37% काम पूरा हो चुका है। काम की समय-सीमा सवा साल है और इसे अगले साल अगस्त तक पूरा करने की योजना है। इसके बाद नागरिक और यात्री इस चौक से सुरक्षित रूप से आ-जा सकेंगे।

पुलों की बढ़ती भीड़

नाशिक फाटा चौक पर पुलों की संख्या काफी बढ़ गई है। यहां कासारवाड़ी से भोसरी जाने वाला अर्धवृत्ताकार फ्लाईओवर है। भोसरी और पिंपले गुरव को जोड़ने वाला रेलवे ट्रैक और पचना नदी पर एक फ्लाईओवर है। इसके अलावा पिंपले सौदागर और पिंपले गुरव से आने वाले वाहनों के लिए रैंप और लूप भी हैं। यह डबल डेकर फ्लाईओवर मनपा ने विश्व बैंक से 159 करोड़ 11 लाख रुपए का ऋण लेकर बनवाया था। अब उस चौक पर मेट्रो स्ट का ऊंचा पुल भी है और पादचारी पुल के जुड़ने से चौक में पुलों की संख्या और बढ़ जाएगी।

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