महाराष्ट्र में 'लव जिहाद' सरकार का बड़ा प्रहार; कैबिनेट ने दी सख्त कानून को मंजूरी, जानें सजा के प्रावधान

Maharashtra Anti-Conversion Bill: महाराष्ट्र कैबिनेट ने ऐतिहासिक धर्मांतरण विरोधी विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस कानून को नितेश राणे ने हिंदुत्व की बड़ी जीत बताया है। जानिए क्या है सजा के प्रावधान।
Maharashtra Anti-Conversion Bill Punishment Details
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Anti-Conversion Bill Punishment Details: महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक परिदृश्य के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। राज्य मंत्रिमंडल ने एक कड़े और प्रभावी धर्मांतरण विरोधी विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय का महायुति सरकार के मंत्रियों और हिंदूवादी संगठनों ने ऐतिहासिक बताते हुए स्वागत किया है। बीजेपी के मंत्री ने मंत्रिमंडल के उपरोक्त निर्णय के लिए आज के दिन को ऐतिहासिक बताया।

क्या बोले नितेश राणे

विधान भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे ने इस फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि "देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र के हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों का संघर्ष रंग लाया है। यह कानून मध्य प्रदेश और गुजरात के कानूनों की तुलना में अधिक कठोर होगा। मंत्री नितेश राणे ने धर्मांतरण विरोधी कानून की मुख्य विशेषताएं बताते हुए कहा कि धोखे से, प्रलोभन देकर या फिर जबरन धर्मांतरण कराना अब महाराष्ट्र में एक गैर-जमानती अपराध होगा। कानून का उल्लंघन करने वालों को बिना किसी देरी के तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। इतना ही नहीं स्वास्थ्य, शिक्षा या आर्थिक मदद के बहाने किए जाने वाले सामूहिक धर्मांतरण पर अब पूरी तरह रोक लगेगी।

'घर वापसी' और 'लव जिहाद' पर प्रहार

नितेश राणे ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक में 'घर वापसी' के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। जो लोग स्वेच्छा से अपने मूल हिंदू धर्म में लौटना चाहते हैं, उन्हें सरकार पूर्ण संरक्षण और समर्थन प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून 'लव जिहाद' के माध्यम से महिलाओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी और जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।

7 साल की सजा का प्रावधान

नए धर्मांतरण विरोधी कानून की धारा 14 के तहत अवैध धर्मांतरण में लिप्त संस्थाओं पर प्रतिबंध और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। धारा 9 में अपराधों और उनकी सजाओं का उल्लेख है। धारा 9 की उपधारा (4) के अनुसार दोषी पाए जाने पर 7 साल कारावास और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा का प्रावधान है। मौजूदा बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) में इस विधेयक पारित कराकर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही यह कानून पूरे महाराष्ट्र में लागू हो जाएगा।

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