भोर कांड से महाराष्ट्र में उबाल: मासूम की हत्या पर आक्रोश, रोहित पवार ने उठाई ‘शक्ति कानून’ लागू करने की मांग

Pune Crime News: पुणे के भोर में मासूम की हत्या से महाराष्ट्र में आक्रोश। रोहित पवार ने पीड़ित परिवार से मिलकर ‘शक्ति कानून’ लागू करने और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
Maharashtra on Edge Over Bhor Incident: Outrage Over Murder of Innocent Child; Rohit Pawar Demands Implementation of ‘Shakti Act’
शक्ति कानून, रोहित पवार,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Pune Bhor Rape Case: पुणे जिले के भोर तहसील के नसरापुर गांव में चार साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। इस घटना के विरोध में गांव बंद का आह्वान किया गया और ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी देने की मांग की। इसी बीच राकां (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और राज्य में 'शक्ति कानून लागू करने की मांग उठाई, रोहित ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोगों का गुस्सा जायज है।

उन्होंने कहा कि आरोपी पहले भी इसी तरह के दो मामलों में पकड़ा जा चुका था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद उसने तीसरी बार ऐसा जघन्य अपराध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आरोपी बार-बार जमानत पर बाहर आ सकता है तो कानून का डर आखिर कहां है? उन्होंने कहा कि राज्य में हर दिन औसतन 24 अत्याचार हो रहे हैं, यानी हर घंटे एक घटना सामने आ रही है।

हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अप्रैल 2026 में बीड में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म, जनवरी 2026 में बदलापुर की घटना और अप्रैल 2026 में बारामती में 10 वर्षीय बच्वी के यौन शोषण जैसे मामले सामने आए हैं। रोहित ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में हर साल करीब 50 हजार महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज होते हैं और इससे साफ है कि राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है तथा अपराधियों में कानून का डर नहीं बचा है।

पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और नौकरी की मांग

नरोहित ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग है कि बच्ची की मां को सरकार आर्थिक सहायता दे और सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई होनी चाहिए।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और 15 दिन में चार्जशीट हो दाखिल

राका विधायक रोहित ने कहा कि मुख्यमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग को मंजूरी दी है और पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया है कि 15 दिनों के भीतर बकर्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि आरोपी को जल्द सजा मिल सके।

'शक्ति कानून' लागू करने की मांग

रोहित पवार ने कहा कि महविकास आघाडी सरकार के समय जनता की मांग पर शक्ति कानून लाया गया था और उसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। लेकिन केंद्र ने कुछ आपतियों के साथ उसे वापस राज्य सरकार को भेज दिया, उन्होंने कहा कि इस कानून में 21 दिनों के भीतर फैसला देने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान था।

अब राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए रोहित ने मांग की कि इस मुद्दे या महाराष्ट्र में विशेष विधानसभा सत्र बुलाया जाए और शक्ति कानून को तुरंत लागू किया जाए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com