नागपुर में अवैध शराब पर बवाल, मकोका लगाने की मांग, कानून-व्यवस्था पर सवाल; एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन

Nagpur Illegal Liquor Sale: नागपुर में अवैध शराब बिक्री और बढ़ते हमलों के विरोध में परमिट रूम एसोसिएशन ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर मकोका लगाने की मांग की। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे।
Uproar over Illicit Liquor in Nagpur: Demands for Invoking MCOCA, Questions Raised over Law and Order; Association Submits Memorandum
नागपुर अवैध शराब बिक्री( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nagpur Liquor Business Issue: नागपुर शहर में अवैध शराब की बिक्री, चाबों पर शराब पीने की बढ़ती प्रवृत्ति और परमिट रूम मालिकों पर हो रहे प्राणघातक हमलों के विरोध में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। नागपुर डिस्ट्रिक्ट परमिट रूम एसोसिएशन ने विस्तृत ज्ञापन सौंपकर शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई और आरोपियों पर मकोका' लगाने की मांग की।

एसोसिएशन का कहना है कि शहर के सावजी भोजनालय, फार्म हाउस, कैफे, फिश कॉर्नर और चाइनीज ठेलों पर अवैध रूप से शराब पीने की अनुमति दी जा रही है। वैध परमिट रूम धारक हर साल 11.50 लाख रुपये लाइसेंस फीस और भारी टैक्स (जीएसटी, बैट, टीसीएस) सरकार को चुकाते हैं। अवैध ठिकानों का बोलबाला वर्धा बीड, आउटर रिंग रोड, अमरावती रोड और भंडारा रोड पर स्थित डाबों और होटलों में अवैध शराब परोसी जा रही है।

जिससे ब्लाइसेंस धारकों का व्यापार ठप हो रहा है और सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। नियमों के अनुसार बियर शॉपी से केवल सीलबंद बोतल बेची जा सकती है, लेकिन कई जगह ग्राहकों को वहीं बैठकर पीने की अनुमति दी जा रही है।

कलेक्टर और जॉइंट कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (कलेक्टर) और जॉइंट पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 15 अप्रैल को हुडकेश्वर थाना क्षेत्र के "एसके बार' पर हुए हमले का विशेष उल्लेख किया गया है। 15 से 20 बदमाशों की टोली ने वार मैं घुसकर मालिक और मैनेजर पर जानलेवा हमला किया, तोड़फोड़ की और नकदी लूट ली। घायल मैनेजर अभी भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है, एसोरिक्शन ने आरोप लगाया कि घटना के समव मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने खून से सने कपड़े पहने आरोपियों को भागने की इजाजत दी।

प्रशासन 7 दिन में कार्रवाई करे, नहीं तो उग्र आंदोलन

मानेवाड़ा चौक के 'एसके बार' पर हुए हिंसक हमले और शहर में बढ़ती अवैध शराब की बिक्री के विरोध में नागपुर जिला रेस्टोरेंट परमिट रूम एसोसिएशन ने हुंकार भरी है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जायसवाल ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आरोपियों पर कठोर कार्रवाई और अवैध धंधे बंद नहीं हुए, तो व्यापारी सड़कों पर उत्तरकर उग्र आंदोलन करेंगे, उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस के चल रहे दाबी और होटलों में सरेआम अवैध शराब बेची जा रही है, जिससे कानून का पालन करने वाले व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। पिछले एक-दो साल से बार और रेस्टोरेंट पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। लेकिन प्रशासन इन पर नियंत्रण पाने में विफल रहा है।

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