Pune Porsche Accident: पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में दो पुलिसकर्मी होंगे बर्खास्त! पुलिस आयुक्त ने की सिफारिश

Pune Porsche Accident: पुणे पोर्श हादसे को लगभग 10 महीने का समय होने जा रहा है। इस मामले में पुणे के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। हालांकि, अब पुलिस आयुक्त ने बर्खास्त करने की मांग कर दी है।
पोर्श दुर्घटना: पुणे पुलिस ने दो निलंबित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की सिफारिश की
पुणे पोर्श दुर्घटना (फाइल फोटो)
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पुणे: पुणे पोर्श दुर्घटना मामला इतना भयावह था कि आज भी लोगों के दिलो-दिमाग से ये मामला अभी तक छाया हुआ है। इस मामले में पुणे पुलिस ने महाराष्ट्र के गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में पुणे पुलिस ने मांग की है कि पिछले साल मई में हुई पोर्श कार दुर्घटना के सिलसिले में निलंबित किए गए दो पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने किया जाए।

पिछले साल 19 मई को कल्याणी नगर में कथित तौर पर नशे की हालत में पोर्श कार चला रहे 17 वर्षीय एक किशोर ने मोटरसाइकिल सवार दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कुचल दिया था। येरवडा पुलिस थाने में तैनात निरीक्षक राहुल जगदाले और सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) विश्वनाथ टोडकरी को उस समय देरी से रिपोर्ट करने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया गया था।

पुलिस आयुक्त ने भेजा प्रस्ताव

आंतरिक जांच में मामला दर्ज करने में चूक और रक्त के नमूने एकत्र करने में देरी की भी बात सामने आई। पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने गुरुवार को कहा, "हमने इन दोनों निलंबित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के लिए राज्य के गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव आज भेजा गया।" दरअसल, आरोप है कि 19 मई 2024 को तड़के नाबालिग चालक ने अपनी कार से एक मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी थी, जिससे दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। नाबालिग के माता-पिता एवं अन्य ने यह साबित करने के लिए रक्त नमूने बदलने की साजिश रची थी कि वह कार चलाते समय नशे में नहीं था।

पुणे पोर्श दुर्घटना क्या है?

अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यदि जमानत दी गई तो आरोपी गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। वरिष्ठ सरकारी वकील शिशिर हिरय ने कहा था कि उनका मुख्य तर्क यह था कि आरोपियों ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करके न्यायिक प्रणाली के साथ खिलवाड़ किया। बता दें कि पुणे पुलिस ने हाल ही में सात आरोपियों के खिलाफ 900 पन्नों की चार्ज शीट दायर की थी।

गौरतलब है कि 19 मई की रात करीब 2:30 बजे 17 वर्षीय नाबालिग ने अपनी एक तेज रफ्तार पोर्शे कार से मोटरसाइकिल सवार दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने दावा किया है कि यह नाबालिग नशे की हालत में कार चला रहा था। एक्सीडेंट के बाद जेजेबी ने नाबालिग को 15 घंटे के भीतर ही जमानत दे दी। जेजेबी ने नाबालिग को दुर्घटना पर 300 शब्दों का निबंध लिखने सहित बहुत ही मामूली शर्तों पर जमानत दे दी थी। जिसके चलते देश भर में हंगामा हुआ था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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