पोर्श दुर्घटना मामला: कम नहीं हो रही अग्रवाल दंपति की मुश्किलें, कोर्ट ने और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

पुणे पुलिस ने आरोपी नाबालिग के माता-पिता और एक अन्य को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद कोर्ट के समक्ष पेश किया था, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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नाबालिग का पिता विशाल अग्रवाल और क्षतिग्रस्त कार (फोटो: एएनआई)
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पुणेः पुणे के पोर्श दुर्घटना मामले में आरोपी नाबालिग के माता-पिता की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है। शुक्रवार को एक अदालत ने शिवानी अग्रवाल, विशाल अग्रवाल और अशफाक मकंदर को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बीते 13 मई को शहर के कल्याणी नगर में हुए कार एक्सीडेंट में 2 इंजीनियरों की मौत हो गई थी।

इससे पहले, पुणे पुलिस ने आरोपी नाबालिग के माता-पिता और एक अन्य को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद कोर्ट के समक्ष पेश किया था, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नाबालिग के ब्लड सैंपल से कथित तौर पर बदलने को लेकर उसके पिता विशाल और मां शिवानी अग्रवाल और बिचौलिया अशफाक मकंदर के खिलाफ जांच की जा रही है। अदालत में विशाल अग्रवाल और शिवानी अग्रवाल के ब्लड सैंपल में अदला-बदली और अशफाक मकंदर के मामले में सुनवाई हुई।

ब्लड सैंपल में अदला-बदली का आरोप

जानकारी के लिए बता दें कि 19 मई को हुई दुर्घटना के दौरान नाबालिग शराब के नशे में होने या ना होने का पता लगाने के लिए के ब्लड सैंपल एकत्र किया जाना था। मकंदर पर अग्रवाल दंपति और ससून अस्पताल के चिकित्सकों के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है, जहां ऐसे मामलों में ब्लड सैंपल एकत्र किए जाते हैं। आरोप है कि किशोर के ब्लड सैंपल को उसकी मां शिवानी अग्रवाल के ब्लड सैंपल से बदल दिया गया।

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

अभियोजन पक्ष ने नाबालिग के माता-पिता को न्यायिक हिरासत में भेजने का, लेकिन मकंदर को और तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में सौंपने का अनुरोध किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच में पता चला है कि नाबालिग के ब्लड सैंपल से बदले जाने से पहले उसने उसके माता-पिता से मुलाकात की थी। क्राइम ब्रांच के एसीपी गोवेकर ने अदालत से कहा कि पैसों के लेन देन से पहले अशफाक मकंदर और विशाल अग्रवाल की मुलाकात हुई थी। हम जानना चाहते है कि वहां और कौन था। इसकी हम आगे जांच करना चाहते है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने किशोर के माता-पिता और मकंदर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

हादसे में दो आईटी पेशेवरों की मौत

यहां कल्याणी नगर इलाके में अनीश अवधिया (24) और अश्विनी कोष्टा (24) नाम के दो आईटी पेशेवरों की उस समय मौत हो गई, जब 17 वर्षीय किशोर द्वारा कथित तौर पर चलाई जा रही पोर्श कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी।

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