
अमेरिका में रक्षा बजट में भारी बढोत्तरी (सोर्स- AI डिजाइन)
Donald Trump US Army Defense Budget: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक सैन्य शक्ति के समीकरणों को बदलने के लिए रक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान किया है। बुधवार को सीनेटर्स और मंत्रियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद उन्होंने बजट को 1 खरब से बढ़ाकर 1.5 खरब डॉलर करने का निर्णय लिया। ट्रंप का मानना है कि यह निवेश अमेरिका को एक ऐसी ‘ड्रीम मिलिट्री’ प्रदान करेगा जो किसी भी विदेशी खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम होगी। इस भारी-भरकम राशि का मुख्य स्रोत अन्य देशों पर लगाए गए आयात शुल्क यानी टैरिफ से होने वाली विशाल कमाई को बनाया गया है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि रक्षा बजट में यह भारी वृद्धि केवल इसलिए संभव हो पाई है क्योंकि अमेरिका को टैरिफ के माध्यम से बड़ी आय हो रही है। उन्होंने कहा कि अतीत में कई देशों ने अमेरिका का आर्थिक शोषण किया है, लेकिन अब आयात शुल्क से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सेना को आधुनिक बनाने में किया जाएगा। अगर टैरिफ से यह आय प्राप्त नहीं होती, तो रक्षा बजट को 1 खरब डॉलर के स्तर पर ही सीमित रखना पड़ता।
प्रस्तावित रक्षा बजट का उद्देश्य अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे ‘महाशक्तिशाली’ सेना बनाना है जिसे ट्रंप ने अपनी ‘ड्रीम मिलिट्री’ का नाम दिया है। राष्ट्रपति के अनुसार, हथियारों के आधुनिकीकरण और नई तकनीकों के समावेश से अमेरिका भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती के लिए तैयार रहेगा। यह बजट न केवल हथियारों की खरीद बल्कि अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी अमेरिकी प्रभुत्व को मजबूती प्रदान करने के लिए खर्च किया जाएगा।
बजट में बढ़ोतरी की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका कई मोर्चों पर रूस, चीन और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ टकराव के रास्ते पर है। हाल ही में अमेरिकी नेवी ने अटलांटिक सागर में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ को जब्त कर अपने आक्रामक रुख का परिचय दिया है। यह कार्रवाई उन प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में की गई है जो अमेरिका ने रूस की तेल आपूर्ति पर लगाए हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ गया है।
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पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिकी रक्षा बजट में लगातार उछाल देखने को मिला है, जो साल 2021 के 721 अरब डॉलर से बढ़कर अब 1.5 खरब तक जा पहुंचा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप प्रशासन के तहत सैन्य गतिविधियों में तेजी आने से रक्षा व्यय का यह स्तर बढ़ना स्वाभाविक था। सेना के यूरोपीय कमान ने पुष्टि की है कि न्याय और गृह सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर अब प्रतिबंधित माल की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
Ans: राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना का रक्षा बजट मौजूदा 1 खरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 1.5 खरब अमेरिकी डॉलर करने का प्रस्ताव दिया है।
Ans: इस बजट की फंडिंग के लिए ट्रंप ने अन्य देशों से आयात होने वाले सामान पर लगाए गए टैरिफ (सीमा शुल्क) से होने वाली कमाई का हवाला दिया है।
Ans: अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, रूसी झंडे वाले इस टैंकर को अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के कारण अटलांटिक सागर में नेवी द्वारा जब्त किया गया है।
Ans: इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका को एक 'महाशक्तिशाली' सेना और 'ड्रीम मिलिट्री' प्रदान करना है जो देश की सुरक्षा को अभेद्य बना सके।






