

पुणे. महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित कल्याणी नगर में हुए पोर्शे कार एक्सीडेंट के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को 900 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि चार्जशीट पुणे जिला न्यायालय के समक्ष पेश की गई है, जिसमें नाबालिग के माता-पिता समेत कुल सात लोगों के नाम शामिल है।
पुणे शहर पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "पुणे कार एक्सीडेंट मामले में पुणे जिला न्यायालय में 900 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। दुर्घटना के बाद पुणे क्राइम ब्रांच यूनिट ने नाबालिग आरोपी के माता-पिता और ससून अस्पताल के डॉक्टरों सहित दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सभी पर सबूतों से छेड़छाड़ करने और रक्त के नमूने में हेराफेरी करने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है।"
एफआईआर में नामजद आरोपियों में नाबालिग के माता-पिता के अलावा ससून अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के तत्कालीन एचओडी अजय टावरे और डॉ. श्रीहरि हलनोर, अतुल घाटकांबले पर एक्सीडेंट के बाद नाबालिग के ब्लड सैंपल को उसकी मां के नमूनों से बदलने का आरोप है। वहीं, अन्य आरोपियों अश्पक मकानदार और अमर गायकवाड़ को भी एफआईआर में नामजद किया गया है, जिन पर ब्लड सैंपल की अदला-बदली के लिए वित्तीय लेनदेन में पिता और डॉक्टरों के बीच बिचौलिए के रूप में काम करने का आरोप है।
बता दें कि चार्जशीट में नाबालिग का नाम शामिल नहीं है। पुलिस ने पिछले महीने इस मामले में नाबालिग के खिलाफ सभी सबूतों का ब्यौरा देते हुए किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) को अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी।
गौरतलब है कि 19 मई की रात करीब 2:30 बजे 17 वर्षीय नाबालिग ने अपनी एक तेज रफ्तार पोर्शे कार से मोटरसाइकिल सवार दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने दावा किया है कि यह नाबालिग नशे की हालत में कार चला रहा था। एक्सीडेंट के बाद जेजेबी ने नाबालिग को 15 घंटे के भीतर ही जमानत दे दी। जेजेबी ने नाबालिग को दुर्घटना पर 300 शब्दों का निबंध लिखने सहित बहुत ही मामूली शर्तों पर जमानत दे दी थी। जिसके चलते देश भर में हंगामा हुआ था।