
Borghat Khopoli Traffic (फोटो क्रेडिट-X)
Mumbai Pune Expressway Traffic Jam Today: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 32 घंटे के ऐतिहासिक जाम के बाद ट्रैफिक सुचारू होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वीकेंड और जिला परिषद (ZP) चुनावों की दोहरी मार ने एक्सप्रेसवे की रफ्तार पर फिर से ब्रेक लगा दिया है। खोपोली नाका और अमृतांजन ब्रिज के पास वाहनों की 4 से 5 किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन द्वारा भारी वाहनों को रोकने और यातायात प्रबंधन के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।
After 32 hr’s jam Mumbai – Pune Expressway jam packed again on friday morning at Bhor ghat. khopoli, amrutananjan bridge full of traffic. #Traffic #punemumbaihighway #highway #pune #Mumbai #lonavala pic.twitter.com/NCdbJUlFAs — @Rationalviews (@pramod_writes) February 6, 2026
ट्रैफिक जाम की मुख्य वजह 7 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव और शनिवार-रविवार की छुट्टियां हैं। बड़ी संख्या में लोग वोट डालने और छुट्टियां बिताने के लिए मुंबई से पुणे और कोल्हापुर-सांगली की ओर निकल रहे हैं। इसके चलते एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव क्षमता से कहीं अधिक हो गया है। विशेष रूप से बोरघाट (Borgat) सेक्शन में ढलान और घुमावों के कारण गाड़ियां रेंगने को मजबूर हैं।
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बिगड़ते हालात को देखते हुए हाइवे पुलिस ने ‘ट्रैफिक इंटरचेंज’ रणनीति अपनाई है। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
30 मिनट का ब्लॉक: पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पर हर आधे घंटे का ब्लॉक लिया जा रहा है ताकि विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों के दबाव को कम किया जा सके।
भारी वाहनों पर पाबंदी: मुंबई से पुणे आने वाले भारी ट्रकों और कंटेनरों को खालापुर टोल प्लाजा और एमेटी यूनिवर्सिटी के पास पार्किंग स्लॉट में 2-2 घंटे के लिए रोका जा रहा है। इसका उद्देश्य हल्के वाहनों (कारों और बसों) को घाट सेक्शन से जल्दी निकालना है।
खंडाला टनल डाइवर्जन: खंडाला टनल के पास ट्रैफिक को पुणे वाली लेन में फिर से जोड़कर प्रवाह को निरंतर रखने की कोशिश की जा रही है।
एक्सप्रेसवे पर बार-बार लगने वाले इस जाम का एकमात्र स्थाई समाधान ‘मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट’ को माना जा रहा है। सरकार और एमएसआरडीसी (MSRDC) का लक्ष्य इसे मई 2026 तक पूरा करना है। यह प्रोजेक्ट घाट सेक्शन के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों को बायपास कर देगा, जिससे वाहनों को तीखे मोड़ों और संकरी सड़कों से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, जब तक यह लिंक रोड शुरू नहीं हो जाती, तब तक यात्रियों को ट्रैफिक पुलिस के ‘ब्लॉक मैनेजमेंट’ और अपनी किस्मत के भरोसे ही सफर करना होगा।






