

Pune News In Hindi: शिरूर तहसील के पिंपरखेड गांव में रविवार को सुबह पौने 10 बजे एक अत्यंत दुखद घटना हुई, जहां साढ़े पांच साल की शिवन्या शैलेश बोंबे की तेंदुए के हमले में मौत हो गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पिंपरखेड़ क्षेत्र में दहशत फैला दी है।
बच्ची अपने दादा किसान अरुण देवराम बोंबे को पीने का पानी देने जा रही थी, तभी पास के गन्ने के खेत में घात लगाए तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और उसे खींचकर अंदर ले गया। दादा अरुण बोंबे ने करीब 2 सौ फीट दूर से यह सब देखकर तुरंत दौड़कर बच्ची को छुड़ाया।
तेंदुए के हमले में शिवन्या गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे तुरंत मंचर के उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उपचार शुरू होने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही पूर्व गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और पूर्व सांसद शिवाजीराव आढलराव पाटिल ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इस गंभीर घटना के बाद नागरिकों में भारी आक्रोश है और वे वन विभाग से तेंदुए का तुरंत बंदोबस्त करने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिंपरखेड-जांबूत इलाके में पिछले कुछ सालों में तेंदुए के हमलों से सात लोगों की जान जा चुकी है, जिससे यहां के लोग दहशत में जी रहे हैं। शिरूर वन क्षेत्र अधिकारी नीलकंठ गव्हाणे ने मंचर में मीडिया को बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंपरखेड में 11 पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही, दो लाइव कैमरे और चार से पांच ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं और तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं। पुणे महाडा के अध्यक्ष और पूर्व सांसद शिवाजीराव आढलराव पाटिल ने मीडिया को बताया कि शिरूर, आंबेगांव और जुन्नर तहसीलों में तेंदुओं का उपद्रव काफी बढ़ गया है, जिससे किसानों में डर का माहौल है। उन्होंने घोषणा की कि तेंदुए की समस्या से निपटने और प्रभावी उपाय योजना करने के लिए वह जल्द ही पुणे जिलाधिकारी के साथ एक बैठक करेंगे, लोगों ने वन विभाग से प्रभावी उपाययोजना कर इस समस्या को समाप्त करने की गुहार लगाई है।